Ишқӣ битоза бози гиребон гирифта аст
عشقی بتازه باز گریبان گرفته است
Оҳи ин чаҳ оташаст ки дар ҷон гирифта аст
آه این چه آتش است که در جان گرفته است
Аидли зи изтироби замонӣ фурӯ нишин
ایدل ز اضطراب زمانی فرو نشین
Дастами бзўри домани ҷонон гирифта аст
دستم بزور دامن جانان گرفته است
Он лаъли обдори зи тасхири коинот
آن لعل آبدار ز تسخیر کائنات
Хосияти нигини сулаймон гирифта аст
خاصیت نگین سلیمان گرفته است
Аз ҳар тараф ки мишнўми бонг ғарқа аст
از هر طرف که میشنوم بانگ غرقه است
Дарёии ишқи байн ки чаҳ тӯфон гирифта аст
دریای عشق بین که چه طوفان گرفته است
Дорад сари харобии ъٰолм ба гиряи боз
دارد سر خرابی عٰالم به گریه باز
Ин дил ки , ҳамчуи шоми ғарибон гирифта аст
این دل که، همچو شام غریبان گرفته است
Оҳу фиғони шиўнёнм баланд шуд
آه و فغان شیونیانم بلند شد
Гуё табиби дасти зи дармон гирифта аст
گویا طبیب دست ز درمان گرفته است
Нилии қабоу турраи парешону синаи чок
نیلی قبا و طره پریشان و سینه چاک
Ойини мотамам ба чаҳ сомон гирифта аст
آئین ماتمم به چه سامان گرفته است
Сӯфии биё ки каъбаи мақсӯд дар диласт
صوفی بیا که کعبهٔ مقصود در دلست
Ҳоҷӣ ба ҳарзаи роҳи биёбон гирифта аст
حاجی به هرزه راه بیابان گرفته است
ё раб куҷо рӯем ки дар зери осмٰон
یا رب کجا رویم که در زیر آسمٰان
Ҳар ҷо ки мирўим чу зиндон гирифта аст
هر جا که میرویم چو زندان گرفته است
Натавон гушӯданаш ба насими риёзи ҷилд
نتوان گشودنش به نسیم ریاض جلد
Ондл ки дар фироқи азизон гирифта аст
آندل که در فراق عزیزان گرفته است
Кофари чунин мбٰод надонам разии ту ро
کافر چنین مبٰاد ندانم رضی تو را
Дӯди дили кадоми мусулмон гирифта аст
دود دل کدام مسلمان گرفته است