Аслаш аз Лоҳӣҷони рашту номаши шайхи Маҳмадалӣ ва аз мтأхринаст . Дар авохири давлати сафавия зуҳӯр намӯдау соҳиби камолоти сӯрӣ ва маънавӣ бӯдау хутутро некӯ рақам менамӯд . Озарбойҷону хуросону Ироқу Форсро саёҳат карда ва аз роҳи Лористону бандари аббосӣ рӯй ба Ҳиндӯстон оварад . Дар деҳлӣ тўтн гузиду маърӯфи аҳолии он билод гардид . Аъозими он баладро муроду туллобро маҳали эътимоду ҷамъиро ба хизматаши эътиқод ба ҳам расида . Девонаши мулоҳиза ва ин абӣоташ мунтахаб шуд :

اصلش از لاهیجان رشت و نامش شیخ محمدعلی و از متأخرین است. در اواخر دولت صفویه ظهور نموده و صاحب کمالات صوری و معنوی بوده و خطوط را نیکو رقم می‌نمود. آذربایجان و خراسان و عراق و فارس را سیاحت کرده و از راه لارستان و بندر عباسی روی به هندوستان آورد. در دهلی توطن گزید و معروف اهالی آن بلاد گردید. اعاظم آن بلد را مراد و طلاب را محل اعتماد و جمعی را به خدمتش اعتقاد به هم رسیده. دیوانش ملاحظه و این ابیاتش منتخب شد:

мнғзлётаҳ

مِنْغزلیاته

Бо ҳарчӣ буд инси ту ҷои ту ҳамон аст

با هرچه بود انس تو جای تو همان است

Ҳар чизи ҳавои ту худои ту ҳамон аст

هر چیز هوای تو خدای تو همان است

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Кӯдаки мшимаҳро нишморад ба хеши нек

کودک مشیمه را نشمارد به خویش نیک

Дунё ба чашми мардуми дунё ҳақир нест

دنیا به چشم مردم دنیا حقیر نیست

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Аз суҳбати сӯфии манашон сӯхти димоғам

از صحبت صوفی منشان سوخت دماغم

эй бода прессатон раҳ майхона кадомаст

ای باده پرستان ره میخانه کدامست

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Навмидии ошиқон қадим аст

نومیدی عاشقان قدیم است

Махсӯс ба рӯзгор ман нест

مخصوص به روزگار من نیست

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Кард доғами нигаҳи зоҳиди хомӯши ҳазин

کرد داغم نگه زاهد خاموش حزین

Чаҳ бигӯям ба ман ин сӯрати девор чаҳ кард

چه بگویم به من این صورت دیوار چه کرد

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Бинмоӣ рух чун дидаро гарм тамошо карда Эй

بنمای رخ چون دیده را گرم تماشا کرده‌ای

Ар хуш буд мастуряти моро чаҳ расво карда Эй

ار خوش بود مستوریت ما را چه رسوا کرده‌ای

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Туу зуҳди хушки зоҳид , ману ишқ ва май парастӣ

تو و زهد خشک زاهد، من و عشق و می پرستی

Туу айши ҳӯшёрӣ , ману гиряҳои мастӣ

تو و عیش هوشیاری، من و گریه‌های مستی

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Бозуии золи дунё чанд афканд ба хокат

بازوی زال دنیا چند افکند به خاکت

Бе дарди пушти дастии номарди пушти пое

بی درد پشت دستی نامرد پشت پایی

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Давлати талабии домани дилро мада аз даст

دولت طلبی دامن دل را مده از دست

Шояд ки бурун ояд аз ин байзаи ҳумое

شاید که برون آید از این بیضه همایی

Нолидани булбули зи навомӯзӣ ишқ аст

نالیدن بلبل ز نوآموزی عشق است

Ҳаргиз нашунидем зи парвонаи садое

هرگز نشنیدیم ز پروانه صدایی

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Пиёла май кашами имшаб ба тоқи абрӯе

پیاله می‌کشم امشب به طاق ابرویی

Сбўкшони хароботи ишқро ҳўиӣ

سبوکشان خرابات عشق را هویی