Сияҳ чарадаеро касе зишт хонд
سیه چَردهای را کسی زشت خواند
Ҷавобӣ бигуфташ ки ҳайрон бимонад
جوابی بگفتش که حیران بماند
На ман сӯрати хеш худ карда ам
نه من صورت خویش خود کردهام
Ки айбами шуморӣ ки бад карда ам
که عیبم شماری که بد کردهام
Туро бо ман ар зишт рӯем чаҳ кор ?
تو را با من ار زشت رویم، چه کار؟
На охири манам зишту зебо нигор
نه آخر منم زشت و زیبانگار
Аз онам ки бар сари нбштии зи пеш
از آنم که بر سر نبشتی ز پیش
На кам кардам эй бандапарвар на беш
نه کمکردم ای بندهپرور، نه بیش
Ту донои охир ки қодири ним
تو دانایی آخِر که قادر نِیَم
Тавонои мутлақи туе , ман кӣм ?
توانای مطلق تویی، من کیم؟
Гарми раҳи намоеи расидам ба хайр
گرم ره نمایی، رسیدم به خیر
Вагар гум кунӣ боз мондам зи сайр
وگر گم کنی، باز ماندم ز سِیر
Ҷаҳони офарингар на ёрӣ кунад
جهانآفرین گر نه یاری کند،
Куҷои банда парҳезгорӣ кунад ?
کجا بنده پرهیزکاری کند؟
Чаҳ хуш гуфт дарвеши кӯтоҳи даст
چه خوش گفت درویش کوتاهدست
Ки шаб тавба карду саҳаргаҳи шикаст
که شب توبهکرد و سحرگه شکست
Гар ӯ тавба бахшад бимонад дуруст
گر او توبه بخشد، بماند درست
Ки паймони мо бесаботасту суст
که پیمان ما بی ثباتاست و سست
Ба ҳақат ки чашмами з ботил бидӯз
به حقّت که چشمم ز باطل بدوز
Ба нурат ки фардо ба ноРоми мсўз
به نورت که فردا به نارم مسوز
з мискинем рӯй дар хок рафт
ز مسکینیَم روی در خاک رفت
Ғубори гуноҳам бар афлок рафт
غبار گناهم بر افلاک رفت
Ту як навбат эй абри раҳмати бабор
تو یکنوبت ای ابر رحمت، ببار
Ки дар пеш борон напояд ғубор
که در پیش باران، نپاید غبار
зи ҷурмам дар ин мамлакат ҷоҳ нест
ز جُرمم در اینمملکت، جاه نیست
Валикин ба мулкӣ дигар роҳ нест
ولیکن به ملکی دگر راه نیست
Ту донеи замири забони бастагон
تو دانی ضمیر زبانبستگان
Ту марҳам наҳй бар дили хастагон
تو مرهم نهی بر دل خستگان