Камоласт дар нафаси марди Карим

کمال است در نفس مرد کریم

Гараш зар набошад чаҳ нуқсону бим ?

گرش زر نباشد چه نقصان و بیم؟

Мапиндор агар сифла қорун шавад

مپندار اگر سفله قارون شود

Ки табъи лӣимш дигаргун шавад

که طبع لئیمش دگرگون شود

Вагар дрнёбди карами пеша , нон

وگر درنیابد کرم‌پیشه، نان

Ниҳодаши тавонгар буд ҳамчунон

نهادش توانگر بود همچنان

Мурувват заминасту сармояи заръ

مروت زمین است و سرمایه زرع

Бидиҳ косл холӣ намонад зи фаръ

بده کاصل خالی نماند ز فرع

Худоӣ ки аз хок мардум кунад

خدایی که از خاک مردم کند

Аҷаб бошад ар мардумӣ гум кунад

عجب باشد ار مردمی گم کند

зи неъмат ниҳодани баландии мҷўӣ

ز نعمت نهادن بلندی مجوی

Ки нохуш кунад оби устодаи буи

که ناخوش کند آب استاده بوی

Ба бахшандагӣ кӯш коби равон

به بخشندگی کوش کآب روان

Ба сайлаш мадад мерасад зи осмон

به سیلش مدد می‌رسد ز آسمان

Гар аз ҷоҳ ва давлат биафтад лӣим

گر از جاه و دولت بیفتد لئیم

Дигар бора нодир шавад мустақӣм

دگر باره نادر شود مستقیم

Вагар қӣматии гавҳарии ғами мадор

وگر قیمتی گوهری غم مدار

Ки зойеъи нгрдондти рӯзгор

که ضایع نگرداندت روزگار

Кулӯх ар чаҳ афтодаи бинӣ ба роҳ

کلوخ ار چه افتاده بینی به راه

Набинӣ ки дар вай кунад каси нигоҳ

نبینی که در وی کند کس نگاه

Вагар хурдаи зари зи дандони газ

و گر خردهٔ زر ز دندانْ گاز

Биафтад , ба шамъаши биҷӯянди боз

بیفتد، به شمعش بجویند باز

Ба дар мекунанд обгинаи зи санг

به در می‌کنند آبگینه ز سنگ

Куҷо монад ойӣна дар зери занг ?

کجا ماند آیینه در زیر زنگ؟

Ҳунар бояду фазлу дайну камол

هنر باید و فضل و دین و کمال

Ки гоҳ ояд ва гуҳ равад ҷоҳу мол

که گاه آید و گه رود جاه و مال

Хониш
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