Якеро таб омад зи соҳибдилон
یکی را تب آمد ز صاحبدلان
Касе гуфт шукр бихоҳ аз фалон
کسی گفت شِکَّر بخواه از فلان
Бигуфт эй писари талхии мурданам
بگفت ای پسر تلخی مردنم
Ба аз ҷавр рӯй турши бурданам
به از جور روی ترش بردنم
Шукри оқил аз дасти он кас нахурд
شکر عاقل از دست آن کس نخورد
Ки рӯй аз такаббур бар ӯ сирка кард
که روی از تکبر بر او سرکه کرد
Марв аз пай ҳар чаҳ дил хоҳадат
مرو از پی هر چه دل خواهدت
Ки тамкини тани нури ҷони коҳдт
که تمکین تن نور جان کاهدت
Кунад мардро нафаси аммораи хор
کند مرد را نفس اماره خوار
Агар ҳӯшмандии азизаши мадор
اگر هوشمندی عزیزش مدار
Агар ҳарчӣ бошад муродати хурӣ
اگر هرچه باشد مرادت خوری
зи даврони басии ноМуродии барӣ
ز دوران بسی نامرادی بری
Танури шиками дам ба дам тофтан
تنور شکم دم به دم تافتن
Мусӣбат буд рӯз ноёфтан
مصیبت بود روز نایافتن
Ба танагии бризондт рӯй ранг
به تنگی بریزاندت روی رنگ
Чу вақт фарохӣ кунӣ меъдаи танг
چو وقت فراخی کنی معده تنگ
Кашад марди прхўораҳи бори шикам
کِشد مرد پرخواره بار شکم
Вагар дар наёбад кашад бори ғам
وگر در نیابد کشد بار غم
Шиками банда бисёр бинии хаҷал
شکم بنده بسیار بینی خجل
Шиками пеши ман танги беҳтар ки дил
شکم پیش من تنگ بهتر که دل