Зани хуби Фрмонбри порсо

زنِ خوبِ فرمانبَرِ پارسا

Кунад марди дарвешро подшо

کُنَد مَردِ درویش را پادشا

Бирав панҷ навбат бизан бар дарат

برو پنج نوبت بزن بر دَرَت

Чу ёрии мувофиқ буд дар ?бирт

چو یاری موافق بود در بَرَت

Ҳамаи рӯз агар ғами хурии ғами мадор

همهْ روز اگر غم خوری، غمْ مَدار

Чу шаби ғмгсорт буд дар канор

چو شب غمگُسارت بُوَد در کنار

Крои хонаи ободу ҳмхўобаҳи дӯст

کرا خانه، آباد و، همخوابه، دوست

Худоро ба раҳмати назар сӯй ӯст

خدا را به رحمت نظر سوی اوست

Чу мастур бошад зану хӯбрӯй

چو مَستور باشد زن و خوبروی

Ба дидор ӯ дар биҳиштаст шӯй

به دیدارِ او در بهشت است شُوی

Касе бар гирифт аз ҷаҳони коми дил

کسی برگرفت از جهانْ کامِ دل،

Ки икдл буд бо ваии ороми дил

که یکدل بود با وی آرامِ دل

Агар порсо бошаду хуши сухан

اگر پارسا باشد و خوش‌سَخُن

Нигаҳ дар никуӣ ва зиштӣ макун

نگه در نکوییّ و زشتی مَکُن

Зани хуши маниши дили нишонтар ки хуб

زنِ خوش‌مَنِش، دل‌نشان‌تر که خوب

Ки омизгории бипушади уюб

که آمیزگاری بپوشد عیوب

Бабрад аз парии чеҳраи зишти хуй

ببرد از پری‌چهرهٔ زشت‌خوی

Зани деви симои хуши табъ , гӯй

زنِ دیوسیمایِ خوش‌طبع، گوی

Чу ҳалво хӯрд сирка аз дасти шӯй

چو حلوا خورَد سرکه از دستِ شُوی

На ҳалво хӯрд сиркаандӯда рӯй

نه حلوا خورد سرکه‌اندوده‌روی

Длором бошад зани неки хоҳ

دلارام باشد زنِ نیک‌خواه

Валикини зани бад , худоёи паноҳ !

ولیکن زن بد، خدایا پناه!

Чу тӯтии калоғаш буд ҳам нафас

چو طوطی کلاغش بُوَد هم‌نفس

Ғанимати шуморади халос аз қафас

غنیمت شمارَد خلاص از قفس

Сари андари ҷаҳон на ба овораге

سر اندر جهان نِه به آوارگی

Вагарнаи бунаи дил ба бечорагӣ

وگرنه، بنِه دل به بیچارگی

Тиҳии пой рафтан ба аз кафши танг

تهی‌پایْ رفتنْ بِه از کفشِ تَنگ

Балои сафар ба ки дар хонаи ҷанг

بلایِ سفر، بِه که در خانهْ جنگ

Ба зиндони қозии гирифтор ба

به زندانِ قاضی گرفتار بِه

Ки дар хона дидан бар абрӯи гиреҳ

که در خانه دیدن بر ابرو گره

Сафар ид бошад бар он кадхудоӣ

سفر، عید باشد بر آن کدخدای

Ки бонӯии зишташ буд дар сарой

که بانویِ زشتش بود در سرای

Дар хуррамӣ бар сарое бабанд

درِ خرمی بر سرایی ببند

Ки бонги зан аз вай барояд баланд

که بانگِ زن از وی برآید بلند

Чу зани роҳ бозор гирад бизан

چو زن راهِ بازار گیرد، بزن

Вагарнаи ту дар хона биншин чу зан

وگرنه تو در خانه بنشین چو زن!

Агар зан надорад сӯии марди гӯш

اگر زن ندارد سوی مَرد، گوش

Сроўили кӯҳляш дар марди пӯш

سَراویلِ کُحلیش در مَرد پوش

Заниро ки ҷаҳласту норостӣ

زنی را که جهل است و ناراستی

Бало бар сари худ на зани хостӣ

بلا بر سرِ خود، نه زن خواستی

Чу дар килаҳи як ҷӯи амонати шикаст

چو در کیله یک جو امانت شکست

Аз анбори гандуми фурӯи шӯии даст

از انبارِ گندم فرو شوی دست

Бар он бандаи ҳақи некуӣ хоста аст

بر آن بنده، حق نیکویی خواسته است

Ки бо ӯ дилу дасти зан рост аст

که با او دل و دستِ زن راست است

Чу дар рӯй бегона хандид зан

چو در رویِ بیگانه خندید زن

Дигар марди гӯи лоф мардӣ мазан

دگر، مَرد گو لافِ مَردی مزن

Зани шӯх чун даст дар қалия кард

زنِ شُوخ چون دست در قلیه کرد

Бирав гӯи бунаи панҷа бар рӯй мард

برو گو بنه پنجه بر رویِ مَرد

зи бегонагони чашми зани кӯри бод

ز بیگانگان چشمِ زن کور باد

Чу берун шуд аз хона дар гӯри бод

چو بیرون شد از خانه، در گور باد

Чу бинӣ ки зани пой бар ҷой нест

چو بینی که زن پای‌برجایْ نیست

Сабот аз хирадмандӣ ва рой нест

ثبات، از خردمندی و رای نیست

Гурез аз кафш дар даҳони наҳанг

گریز از کفش در دهانِ نهنگ

Ки мурдан ба аз зиндагонӣ ба нанг

که مُردن بِه از زندگانی به ننگ

Бапушонаш аз чашми бегона рӯй

بپوشانش از چشمِ بیگانه روی

Вагар нашунӯд чаҳ зан онгаҳ чаҳ шӯй

وگر نشنود، چه زن آنگه چه شوی!

Зани хуби хуши табъ ранҷасту бор

زنِ خوبِ خوش‌طبع رنج است و بار

Раҳо кун зани зишти носозгор

رها کن زنِ زشتِ ناسازگار

Чаҳ нағз омад ин як сухани зони ду тан

چه نغز آمد این یک سخن زآن دو تن

Ки буданд саргашта аз дасти зан

که بودند سرگشته از دستِ زن

Яке гуфт касро зан бад мабод

یکی گفت : «کس را زنِ بد مباد»

Дигар гуфт зан дар ҷаҳон худ мабод

دگر گفت : «زن در جهانْ خوَد مباد!»

Зан нав кун эй дӯст ҳар навбаҳор

زنِ نو کن ای دوست هر نوبهار

Ки тақвим порӣ наёяд бакор

که تقویمِ پاری نیاید به کار

Касеро ки бинии гирифтори зан

کسی را که بینی گرفتارِ زن

Макун саъдёи таъна бар вай мазан

مکن سعدیا، طعنه بر وی مزن

Ту ҳам ҷаври бинӣу бориши кашӣ

تو هم جَور بینی و بارش کشی

Агар як саҳар дар канораши кашӣ

اگر یک سَحَر در کنارش کشی

Хониш
бхш 21 - гфтор ондр прврш знон в зкр слоҳ в фсод оӣшон — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
бхш 21 - гфтор ондр прврш знон в зкр слоҳ в фсод оӣшон — ъндлӣб
бхш 21 - гфтор ондр прврш знон в зкр слоҳ в фсод оӣшон — фотмҳ зндӣ
бхш 21 - гфтор ондр прврш знон в зкр слоҳ в фсод оӣшон — омӣр оснӣ ъшрӣ