Шабӣ хуфта будам ба азми сафар
شبی خفته بودم به عزم سفر
Пай корвонӣ гирифтам саҳар
پی کاروانی گرفتم سحر
Ки омад яке саҳмгини боду гирд
که آمد یکی سهمگین باد و گرد
Ки бар чашми мардуми ҷаҳон тира кард
که بر چشم مردم جهان تیره کرد
Ба раҳ дар яке духтари хона буд
به ره در یکی دختر خانه بود
Ба мъҷри ғубор аз падар ме задуд
به معجر غبار از پدر میزدود
Падар гуфташ эй нозанини чеҳри ман
پدر گفتش ای نازنین چهر من
Ки дории дили ошуфтаи меҳри ман
که داری دل آشفتهٔ مهر من
На чандон нишинад дар ин дидаи хок
نه چندان نشیند در این دیده خاک
Ки бозаш ба мъҷр тавон кард пок
که بازش به معجر توان کرد پاک
Бар ин хоки чандон сабо бугзарад
بر این خاک چندان صبا بگذرد
Ки ҳар зарра аз мо ба ҷое барад
که هر ذره از ما به جایی برد
Туро нафаси раъно чу саркаши сутур
تو را نفس رعنا چو سرکش ستور
Давон май барад то сари шеби гӯр
دوان میبرد تا سر شیب گور
Аҷал ногҳт бугсаланд ркиб
اجل ناگهت بگسلاند رکیب
Аннан боз натавон гирифт аз нишеб
عنان باز نتوان گرفت از نشیب