Ҳаме ёдам ояд зи аҳди сғр
همی یادم آید ز عهد صغر
Ки идии буруни омадам бо падар
که عیدی برون آمدم با پدر
Ба бозичаи машғӯл мардум шудам
به بازیچه مشغول مردم شدم
Дар ошӯби халқ аз падар гум шудам
در آشوب خلق از پدر گم شدم
Баровардам аз ҳавлу даҳшати хурӯш
برآوردم از هول و دهشت خروش
Падари ногаҳонами бимолиди гӯш
پدر ناگهانم بمالید گوش
Ки эй шӯхи чашми охират чанд бор
که ای شوخ چشم آخرت چند بار
Бигуфтам ки дастами зи домани мадор
بگفتم که دستم ز دامن مدار
Ба танҳо надонад шудани Тифли хирад
به تنها نداند شدن طفل خرد
Ки мушкили тавон роҳи нодидаи барад
که مشکل توان راه نادیده برد
Ту ҳам Тифли роҳӣ ба саъй эй фақир
تو هم طفل راهی به سعی ای فقیر
Бирав домани роҳ донон бигир
برو دامن راه دانان بگیر
Макун бо фурӯмоя мардум нишаст
مکن با فرومایه مردم نشست
Чу кардӣ , зи ҳайбати фурӯи шӯии даст
چو کردی، ز هیبت فرو شوی دست
Ба фитроки покони дроўизи чанг
به فتراک پاکان درآویز چنگ
Ки ориф надорад зи дарюзаи нанг
که عارف ندارد ز دریوزه ننگ
Мурӣдон ба қӯти зи Тифлони каманд
مریدان به قوت ز طفلان کمند
Машойих чу девор мустаҳкаманд
مشایخ چو دیوار مستحکمند
Биомузи рафтор аз он Тифли хирад
بیاموز رفتار از آن طفل خرد
Ки чун истионат ба девори барад
که چون استعانت به دیوار برد
зи занҷир нопорсоён бараст
ز زنجیر ناپارسایان برست
Ки дар ҳалқа порсоён нишаст
که در حلقهٔ پارسایان نشست
Агар ҳоҷатии дории ин ҳалқаи гир
اگر حاجتی داری این حلقه گیر
Ки султон надорад аз ин дар гзир
که سلطان ندارد از این در گزیر
Бирав хӯша чин бош саъдии сифат
برو خوشه چین باش سعدی صفت
Ки гирдоварӣ хирмани маърифат
که گرد آوری خرمن معرفت
Ало эй муқӣмони миҳроби инс
الا ای مقیمان محراب انس
Ки фардо нишинед бар хон қудс
که فردا نشینید بر خوان قدس
Мтобид рӯй аз гадоёни хайл
متابید روی از گدایان خیل
Ки соҳиб мурувват наронад туфайл
که صاحب مروت نراند طفیل
Кунун бо хирад бояд анбози гашт
کنون با خرد باید انباز گشت
Ки фардо намонад раҳи бозгашт
که فردا نماند ره بازگشت