эй пайки паии хуҷаста ки дории нишони дӯст
ای پیکِ پیخجسته که داری نشانِ دوست
Бо мо магӯ ба ҷузи сухани дили нишони дӯст
با ما مگو به جز سخنِ دلنشانِ دوست
Ҳол аз даҳони дӯсти шунидан чаҳ хуш буд
حال از دهان دوست شنیدن چه خوش بُوَد
ё аз даҳони он ки шунид аз даҳони дӯст
یا از دهانِ آن که شنید از دهانِ دوست
эй ёри ошнои илм корвон куҷост ?
ای یارِ آشنا عَلَمِ کاروان کجاست؟
То сар наҳем бар қадами сорибони дӯст
تا سر نهیم بر قدمِ ساربانِ دوست
Гар зари фидоӣ дӯст кунанд аҳли рӯзгор
گر زر فدای دوست کنند اهلِ روزگار
Мо сари фидои пои рисолати расони дӯст
ما سر فدای پای رسالترسانِ دوست
Дардоу ҳсрто ки Аннанами з даст рафт
دردا و حسرتا که عنانم ز دست رفت
Дастам намерасад ки бигирам Аннани дӯст
دستم نمیرسد که بگیرم عنانِ دوست
Ранҷури ишқи дӯсти чунонам ки ҳарки дид
رنجورِ عشقِ دوست چنانم که هر که دید
Раҳмат кунад магари дили номеҳрбони дӯст
رحمت کند مگر دلِ نامهربانِ دوست
Гар дӯсти бандаро бикашад ё бпрўрд
گر دوست بنده را بِکُشَد یا بپرورد
Таслим аз он бандау фармон аз он дӯст
تسلیم از آنِ بنده و فرمان از آنِ دوست
Гар остин дӯст биафтад ба дасти ман
گر آستینِ دوست بیفتد به دستِ من
Чандон ки зиндаам сари ману остони дӯст
چندان که زندهام سرِ من و آستانِ دوست
Беҳасрат аз ҷаҳон наравад ҳеҷ кас ба дар
بیحسرت از جهان نرود هیچکس به در
إлои шаҳиди ишқ ба тир аз камони дӯст
الا شهیدِ عشق به تیر از کمانِ دوست
Баъд аз ту ҳеҷ дар дили саъдӣ гузар накард
بعد از تو هیچ در دلِ سعدی گذر نکرد
Ваон кист дар ҷаҳон ки бигирад макони дӯст ?
وآن کیست در جهان که بگیرد مکانِ دوست؟