Марои ту ғояти мақсӯдӣ аз ҷаҳон эй дӯст
مرا تو غایت مقصودی از جهان ای دوست
Ҳазор ҷони азизати фидои ҷон эй дӯст
هزار جان عزیزت فدای جان ای دوست
Чунон ба доми ту улфат гирифт мурғи дилам
چنان به دام تو الفت گرفت مرغ دلم
Ки ёд менакунад аҳди ошён эй дӯст
که یاد مینکُند عهد آشیان ای دوست
Гарми ту дар нагушойӣ куҷо тавонам рафт ?
گرم تو در نگشایی کجا توانم رفت؟
Ба расатон ки бимирам бар остон эй дӯст ?
به راستان که بمیرم بر آستان ای دوست؟
Дилии шикастау ҷонии ниҳода бар кафи даст
دلی شکسته و جانی نهاده بر کف دست
Бигӯ « биор » ки гӯям « бигир ҳон эй дӯст »
بگو «بیار» که گویم «بگیر هان ای دوست»
Танами бпўсду хокам ба бод реза шавад
تنم بپوسد و خاکم به باد ریزه شود
Ҳануз меҳр ту бошад дар устихон эй дӯст
هنوز مِهر تو باشد در استخوان ای دوست
Ҷафо макун ки бузургон ба хурдае зи раҳе
جفا مکن که بزرگان به خردهای ز رهی
Чунин сабк нанишинанду сари гарон эй дӯст
چنین سبک ننشینند و سر گران ای دوست
Ба лутф агар бихӯрӣ хӯни ман раво бошад
به لطف اگر بخوری خون من روا باشد
Ба қаҳрам аз назари хештани марон эй дӯст
به قهرم از نظر خویشتن مران ای دوست
Муносиби лаби лаълат ҳадис боистӣ
مناسب لب لعلت حدیث بایستی
Ҷавоби талх бадеъаст аз он даҳон эй дӯст
جواب تلخ بدیع است از آن دهان ای دوست
Марои ризои ту бояд на зиндагонии хеш
مرا رضای تو باید نه زندگانی خویش
Агар муроди ту қатли сет во Раҳон эй дӯст
اگر مراد تو قتل ست وا رهان ای دوست
Ки гуфт саъдӣ аз осеб ишқ бигурезад
که گفت سعدی از آسیب عشق بگریزد؟
Ба дӯстӣ ки ғалат май баради гумон эй дӯст
به دوستی که غلط میبَرد گمان ای دوست
Кигар ба ҷон расад аз дасти дшмнонми кор
که گر به جان رسد از دست دشمنانم کار
з дӯстӣ накунам тавба ҳамчунон эй дӯст
ز دوستی نکنم توبه همچنان ای دوست