Шодӣ ба рӯзгори гадоёни кӯии дӯст
شادی به روزگار گدایان کوی دوست
Бар хок раҳ нишаста ба умед рӯй дӯст
بر خاک ره نشسته به امید روی دوست
Гуфтам ба гӯша Эй биншинам вале дилам
گفتم به گوشهای بنشینم ولی دلم
Нанишинад аз кашӣдан хотир ба сӯии дӯст
ننشیند از کشیدنِ خاطر به سوی دوست
Сабрами з рӯй дӯст муяссар наме шавад
صبرم ز روی دوست میسر نمیشود
Доне тариқ чист таҳаммули зи хуии дӯст
دانی طریق چیست؟ تحمل ز خوی دوست
Ночор ҳар ки дил ба ғам рӯй дӯст дод
ناچار هر که دل به غم روی دوست داد
Кораш ба ҳам баромада бошад чу мӯии дӯст
کارش به هم برآمده باشد چو موی دوست
Хотир ба боғ меравадам рӯзи навбаҳор
خاطر به باغ میرودم روز نوبهار
То бо дарахт гул биншинам ба буии дӯст
تا با درخت گل بنشینم به بوی دوست
Фардо ки хоки мурда ба ҳашар одамӣ кунанд
فردا که خاک مرده به حشر آدمی کنند
эй боди хоки ман матлаби ҷуз ба кӯии дӯст
ای باد! خاک من مطَلب جز به کوی دوست
Саъдӣ чароғ менакунад дар шаби фироқ
سعدی چراغ مینکند در شب فراق
Тарсад ки дида боз кунад ҷуз ба рӯй дӯст
ترسد که دیده باز کند جز به روی دوست