Дӯст медорам ман ин нолидани дилсӯз ро
دوست میدارم من این نالیدن دلسوز را
То ба ҳар навъе ки бошад бигузаронам рӯз ро
تا به هر نوعی که باشد بگذرانم روز را
Шаби ҳамаи шаби интизори субҳ рӯе ме равад
شب همه شب انتظار صبحرویی میرود
Кон сабоҳат нест ин субҳи ҷаҳони афрӯз ро
کان صباحت نیست این صبح جهانافروز را
Ваа кигар ман бозбинми чеҳри мҳроФзоӣ ӯ
وه که گر من بازبینم چهر مهرافزای او
То қиёмат шукр гӯям толеъи пирӯз ро
تا قیامت شکر گویم طالع پیروز را
Гар ман аз санги маломат рӯй барпечам занам
گر من از سنگ ملامت روی برپیچم زنم
Ҷон сипар карданд мардони новаки длдўз ро
جان سپر کردند مردانْ ناوکِ دلدوز را
Комҷўёнро зи нокомӣ чашедан чора нест
کامجویان را ز ناکامی چشیدن چاره نیست
Бар зимистони сабр бояд толиби наврӯз ро
بر زمستان صبر باید طالب نوروز را
Оқилони хӯшаи чин аз сар Лайлӣ ғофиланд
عاقلان خوشهچین از سر لیلی غافلند
Ин каромат нест ҷузи маҷнӯни хирмани сӯз ро
این کرامت نیست جز مجنون خرمنسوز را
Ошиқони дайну днёбозро хоситист
عاشقان دین و دنیاباز را خاصیتیست
Кон набошад зоҳидии мол ва ҷоҳ андӯз ро
کان نباشد زاهدان مال و جاهاندوز را
Дайгариро дар камандовар ки мо худ банда ем
دیگری را در کمند آور که ما خود بندهایم
Ресмон дар пой ҳоҷат нест даст омӯз ро
ریسمان در پای حاجت نیست دستآموز را
Саъдё дай рафту фардо ҳамчунон мавҷӯд нест
سعدیا دی رفت و فردا همچنان موجود نیست
Дар миёни ин ва он фурсати шумори имрӯз ро
در میان این و آن فرصت شمار امروز را