Кас надонам ки дар ин шаҳри гирифтор ту нест
کس ندانم که در این شهر گرفتار تو نیست
Ҳеҷ бозори чунин гарм ки бозор ту нест
هیچ بازار چنین گرم که بازار تو نیست
Сарви зебо ва ба зебои болои ту на
سرو زیبا و به زیبایی بالای تو نه
Шаҳди ширин ва ба ширинии гуфтор ту нест
شهد شیرین و به شیرینی گفتار تو نیست
Худ ки бошад ки туро бинад ва ошиқ нашавад
خود که باشد که تو را بیند و عاشق نشود؟
Магараш ҳеҷ набошад ки харидор ту нест
مگرش هیچ نباشد که خریدار تو نیست
Каси надидаи сети туро як назари андари ҳамаи умр
کس ندیدهست تو را یک نظر اندر همه عمر
Ки ҳамаи умри дуъогӯӣу ҳаводор ту нест
که همه عمر دعاگوی و هوادار تو نیست
Одамӣ нест магари колбудӣ бе ҷонаст
آدمی نیست، مگر کالبدی بیجانست
Он ки гуяд ки марои майл ба дидор ту нест
آن که گوید که «مرا میل به دیدار تو نیست»
эй ки шамшери ҷафо бар сари мо охта Эй
ای که شمشیر جفا بر سر ما آختهای!
Сулҳ кардем ки моро сари пайкор ту нест
صلح کردیم که ما را سر پیکار تو نیست
Ҷаври талхи сети валикин чаҳ кунам гар набарам
جور تلخست ولیکن چه کنم گر نبرم؟
Чун гурез аз лаби ширини шкрбор ту нест
چون گریز از لب شیرین شکربار تو نیست
Ман сиррӣ дорам ва дар пой ту хоҳам бозед
من سری دارم و در پای تو خواهم بازید
Хаҷал аз нанги бизоъат ки сазовор ту нест
خجل از ننگ بضاعت که سزاوار تو نیست
Ба ҷамоли ту ки дидори зи ман бозмгир
به جمال تو که دیدار ز من باز مگیر
Ки марои тоқат нодидани дидор ту нест
که مرا طاقت نادیدن دیدار تو نیست
Саъдё гар натавонӣ ки кам худ гирӣ
سعدیا! گر نتوانی که کمِ خود گیری
Сари худ гир ки соҳиби назар ӣ кор ту нест
سر خود گیر که صاحبنظری کار تو نیست