Дил намонда сет ки гӯии хами чавгон ту нест
دل نماندهست که گوی خم چوگان تو نیست
Хасмро пои гурез аз сари майдон ту нест
خصم را پای گریز از سر میدان تو نیست
То сари зулфи парешони ту дар ҷамъ омад
تا سر زلف پریشان تو در جمع آمد
Ҳеҷ маҷмӯ надонам ки парешон ту нест
هیچ مجموع ندانم که پریشان تو نیست
Дар ту ҳайронаму авсофи маъонӣ ки ту рост
در تو حیرانم و اوصاف معانی که تو راست
Ва андари он кас ки басар дораду ҳайрон ту нест
و اندر آن کس که بصر دارد و حیران تو نیست
Он чаҳ айби сет ки дар сӯрати зебоӣ ту ҳаст
آن چه عیبست که در صورت زیبای تو هست
Ваон чаҳ саҳари сет ки дар ғамзаи фаттон ту нест
وان چه سحرست که در غمزهٔ فتان تو نیست
Об ҳайвон натавон гуфт ки дар олам ҳаст
آب حیوان نتوان گفت که در عالم هست
Гар чунонаст ки дар чоҳи занхдон ту нест
گر چنانست که در چاه زنخدان تو نیست
Аз худои омадае ояти раҳмат бар халқ
از خدا آمدهای آیت رحمت بر خلق
Ваон кадоми ояти лутфи сет ки дар шаън ту нест
وان کدام آیت لطفست که در شأن تو نیست
Гар туро ҳаст шикеб аз ману имкони фироқ
گر تو را هست شکیب از من و امکان فراغ
Ба висолат ки марои тоқати ҳиҷрон ту нест
به وصالت که مرا طاقت هجران تو نیست
Ту куҷои нолӣ аз ин хор ки дар пой манаст
تو کجا نالی از این خار که در پای منست
ё чаҳ ғами дорӣ аз ин дард ки бар ҷон ту нест
یا چه غم داری از این درد که بر جان تو نیست
Дардӣ аз ҳасрати дидор ту дорам ки табиб
دردی از حسرت دیدار تو دارم که طبیب
Оҷиз омад ки марои чораи дармон ту нест
عاجز آمد که مرا چاره درمان تو نیست
Охир эй каъбаи мақсӯд куҷо афтодӣ ?
آخر ای کعبهٔ مقصود کجا افتادی؟
Ки худ аз ҳеҷ тарафи ҳади биёбон ту нест
که خود از هیچ طرف حد بیابان تو نیست
Гар бароне чаҳ кунад банда ки фармони набард
گر برانی چه کند بنده که فرمان نبرد
Вар бихонӣ аҷаб аз ғояти эҳсон ту нест
ور بخوانی عجب از غایت احسان تو نیست
Саъдӣ аз банди ту ҳаргиз ба даройад ? ҳайҳот !
سعدی از بند تو هرگز به درآید؟ هیهات!
Балки ҳайфи сет бар он кас ки ба зиндон ту нест
بلکه حیفست بر آنکس که به زندان تو نیست