Ҷону танам эй дӯсти фидои тану ҷонат
جان و تنم ای دوست! فدای تن و جانت
Мӯе нафурӯшам ба ҳамаи малики ҷаҳонат
مویی نفروشم به همه ملکِ جهانت
Ширинтар аз ин лаб нишнидам ки сухан гуфт
شیرینتر از این لب نشنیدم که سخن گفت
Ту худ шукрӣ ё асаласт оби даҳонат
تو خود شکری یا عسلست آب دهانت؟
Як рӯз аноят куну тирӣ ба ман андоз
یک روز عنایت کن و تیری به من انداز
Бошад ки тафарруҷи бикунами дасту камонат
باشد که تفرج بکنم دست و کمانت
Гар роҳ бигардоне вагар рӯй бапушӣ
گر راه بگردانی و گر روی بپوشی
Ман менагарм гӯша чашм награнт
من مینگرم گوشهٔ چشم نگرانت
Бар сарв набошад рух чун моҳи мунират
بر سرو نباشد رخ چون ماهِ منیرت
Бар моҳ набошад қад чун сарви равонат
بر ماه نباشد قد چون سرو روانت
Охир чаҳ балоеи ту ки дар васфи ниёе
آخر چه بلایی؟ تو که در وصف نیایی
Бисёр бигуфтем ва накардем баёнат
بسیار بگفتیم و نکردیم بیانت
Ҳар кас ки маломат кунад аз ишқи ту мо ро
هر کس که ملامت کند از عشق تو ما را
Маъзӯр бидоранд чу бенанди аёнат
معذور بدارند چو بینند عیانت
Ҳайфаст чунин рӯй нигорин ки бапушӣ
حیفست چنین روی نگارین که بپوشی
Судӣ ба масокин расад охир чаҳ зиёнат
سودی به مساکین رسد آخر چه زیانت؟
Бозоӣ ки дар дида бимонадаст хаёлат
بازآی که در دیده بماندست خیالت
Биншин ки ба хотир бигирифтаст нишонат
بنشین که به خاطر بگرفتست نشانت
Бисёр набошад дилӣ аз дасти бдодн
بسیار نباشد دلی از دست بدادن
Аз ҷон рамақӣ дорам ва ҳам бархе ҷонат
از جان رمقی دارم و هم برخی جانت
Дашном карам кардӣ ва гуфтӣ ва шунидам
دشنام کرم کردی و گفتی و شنیدم
Хуррами тани саъдӣ ки баромад ба забонат
خُرم تن سعدی که برآمد به زبانت