Бархез то як сӯ наҳем ин далқи азрақи фом ро
برخیز تا یک سو نهیم این دلق ازرقفام را
Бар боди қлошии диҳеми ин ширки тақвои ном ро
بر باد قلاشی دهیم این شرک تقوا نام را
Ҳар соъат аз нави қиблае бо бут парастӣ ме равад
هر ساعت از نو قبلهای با بتپرستی میرود
Тавҳид бар мо арза кун то башиканем асном ро
توحید بر ما عرضه کن تا بشکنیم اصنام را
Май бо ҷавонон хӯрданами борӣ таманно ме кунад
مِی با جوانان خوردنم باری تمنا میکند
То кӯдакон дар паии Фтнди ин пери дрдошом ро
تا کودکان در پی فتند این پیر دُردآشام را
Аз мояи бечорагии қтмир мардум ме шавад
از مایهٔ بیچارگی، قطمیر، مردم میشود
Мохўлёии меҳтарӣ саг мекунад блъом ро
ماخولیای مهتری، سگ میکند بلعام را
Зини тангнои хилватами хотир ба саҳро ме кашад
زین تنگنای خلوتم خاطر به صحرا میکشد
Каз бӯстони боди саҳар хуш медиҳад пайғом ро
کز بوستان باد سحر خوش میدهد پیغام را
Ғофил мабош ар оқилӣ , дарёб агар соҳиби дилӣ
غافل مباش ار عاقلی، دریاب اگر صاحبدلی
Бошад ки натавон ёфтан дигари чунин айём ро
باشد که نتوان یافتن دیگر چنین ایام را
Ҷое ки сарви бӯстон бо пои чубин май чамад
جایی که سرو بوستان با پای چوبین میچمد
Мо низ дар рақси овареми он сарви сими андом ро
ما نیز در رقص آوریم آن سرو سیماندام را
Дилбандами он паймони гусали манзури чашми ороми дил
دلبندم آن پیمانگُسل، منظورِ چشم آرامِ دل
Неи не длоромш махон каз дили бабради ором ро
نِی، نِی، دلآرامش مخوان کز دل ببُرد آرام را
Дунёу дайну сабру ақл аз ман бирафт андари ғамаш
دنیا و دین و صبر و عقل از من برفت اندر غمش
Ҷое ки султон хайма зад ғавғо намонад ом ро
جایی که سلطان خیمه زد غوغا نماند عام را
Борон ашкам меравад вази абрами оташ май ҷаҳд
باران اَشکم میرود، وز اَبرم آتش میجهد
Бо пухтагони гӯии ин сухан сӯзиш набошад хом ро
با پختگان گوی این سخن سوزش نباشد خام را
Саъдӣ маломат нашунӯд вари ҷон дар ин сар ме равад
سعدی ملامت نشنود ور جان در این سر میرود
Сӯфии гарони ҷонии бабр соқӣ биовар ҷом ро
صوفی گرانجانی بِبر ساقی بیاور جام را