Ҳар ки чизе дӯст дорад ҷону дил бар вай гуморд
هر که چیزی دوست دارد جان و دل بر وی گمارد
Ҳар ки миҳробаш ту бошӣ сари зи хилвати брнёрд
هر که محرابش تو باشی سر ز خلوت برنیارد
Рӯзии андари хокати уфтами вар ба бодам меравад сар
روزی اندر خاکت افتم ور به بادم میرود سر
Кон ки дар пой ту мерад ҷон ба ширинӣ сипорад
کان که در پای تو میرد جان به شیرینی سپارد
Ман на он сӯрати пурситам каз таманнои ту мастам
من نه آن صورتپرستم کز تمنای تو مستم
Ҳуши ман доне ки бардаи сет ? он ки сӯрат ме нагорд
هوش من دانی که بردهست؟ آن که صورت مینگارد
Умри гўиндм ки зойеъ мекунӣ бо хубрӯён
عمر گویندم که ضایع میکنی با خوبرویان
Ваон ки манзурӣ надорад умр зойеъ ме гузорад
وان که منظوری ندارد عمر ضایع میگذارد
Ҳар ки май варзади дарахтӣ дар сробстони маънӣ
هر که میورزد درختی در سرابستان معنی
Бехаши андари дили нишонди тухмаши андари ҷони бикорад
بیخش اندر دل نشاند تخمش اندر جان بکارد
Ишқ ва мастурӣ набошад пои гӯ дар доман овар
عشق و مستوری نباشد پای گو در دامن آور
Каз гиребони маломати сар баровардан наёрад
کز گریبان ملامت سر برآوردن نیارد
Гар ман аз аҳдат бигардам ноҷўонмрдм на мардум
گر من از عهدت بگردم ناجوانمردم نه مردم
Ошиқ содиқ набошад каз маломати сари бухорад
عاشق صادق نباشد کز ملامت سر بخارد
Боғ мехоҳам ки рӯзии сарв болоят бибинад
باغ میخواهم که روزی سرو بالایت ببیند
То гулат дар пои бирезаду арғавон бар сари баборад
تا گلت در پا بریزد و ارغوان بر سر ببارد
Он чаҳ рафторасту қомат ваон чаҳ гуфтору қиёмат
آن چه رفتارست و قامت وان چه گفتار و قیامت
Чанд хоҳӣ гуфт саъдии таййибот охир надорад
چند خواهی گفت سعدی طیبات آخر ندارد