Ҳар он нозир ки манзурӣ надорад
هر آن ناظر که منظوری ندارد
Чароғи давлаташ нурӣ надорад
چراغ دولتش نوری ندارد
Чаҳ кори андари биҳишти он муддаӣ ро
چه کار اندر بهشت آن مدعی را
Ки майли имрӯз бо ҳурӣ надорад
که میل امروز با حوری ندارد؟
Чаҳ завқ аз зикр пайдо ояд он ро
چه ذوق از ذکر پیدا آید آن را
Ки пинҳони шавқ мазкӯрӣ надорад
که پنهان شوق مذکوری ندارد؟
Миёни орифони соҳиб назар нест
میان عارفان صاحبنظر نیست
Ки хотири пеш манзурӣ надорад
که خاطر پیش منظوری ندارد
Агар симурғии андари доми зулфӣ
اگر سیمرغی اندر دام زلفی
Бимонад тоб ъсФўрӣ надорад
بماند تاب عصفوری ندارد
Табиби мо яке номҳрбонст
طبیب ما یکی نامهربانست
Ки гӯйии ҳеҷ ранҷурӣ надорад
که گویی هیچ رنجوری ندارد
Валикин чун асал бишнохт саъдӣ
ولیکن چون عسل بشناخت سعدی
Фиғон аз даст занбӯрӣ надорад
فغان از دست زنبوری ندارد