Шаби ошиқон бедил чаҳ шабӣ дароз бошад
شب عاشقان بیدل چه شبی دراز باشد
Ту биё каз аввали шаб дар субҳ боз бошад
تو بیا کز اولِ شب درِ صبح باز باشد
Аҷабаст агар тавонам ки сафар кунам зи дастат
عجب است اگر توانم که سفر کنم ز دستت
Ба куҷо равад кабӯтар ки асир боз бошад
به کجا رود کبوتر که اسیر باز باشد
з муҳаббатат нахоҳам ки назар кунам ба рӯят
ز محبتت نخواهم که نظر کنم به رویت
Ки муҳиби содиқ онаст ки покбоз бошад
که محب صادق آن است که پاکباز باشد
Ба киришмаи анояти нигаҳӣ ба сӯй мо кун
به کرشمهٔ عنایت نگهی به سوی ما کن
Ки дуои дардмандони зи сар ниёз бошад
که دعای دردمندان ز سرِ نیاز باشد
Суханӣ ки нест тоқат ки з хештан бапушам
سخنی که نیست طاقت که ز خویشتن بپوشم
Ба кадом дӯст гӯям ки маҳал роз бошад
به کدام دوست گویم که محل راز باشد
Чаҳ намоз бошад онро ки ту дар хаёл бошӣ
چه نماز باشد آن را که تو در خیال باشی
Ту санам намегузорӣ ки маро намоз бошад
تو صنم نمیگذاری که مرا نماز باشد
На чунин ҳисоб кардам чу ту дӯст ме гирифтам
نه چنین حساب کردم چو تو دوست میگرفتم
Ки сано ва ҳамд гӯйему ҷафо ва ноз бошад
که ثنا و حمد گوییم و جفا و ناز باشد
Дигараш чу бозбӣнии ғам дил магӯӣ саъдӣ
دگرش چو بازبینی غم دل مگوی سعدی
Ки шаби висоли кӯтоҳу сухан дароз бошад
که شب وصال کوتاه و سخن دراز باشد
Қадамӣ ки барграфтӣ ба вафоу аҳди ёрон
قدمی که برگرفتی به وفا و عهد یاران
Агар аз бало битарсӣ қадам муҷоз бошад
اگر از بلا بترسی قدم مَجاز باشد