эй нафаси хуррами боди сабо
ای نفسِ خرّمِ بادِ صبا
Аз бар ёри омадае , марҳабо !
از برِ یار آمدهای، مرحبا!
Қофилаи шаб чаҳ шунидӣ зи субҳ ?
قافلهٔ شب! چه شنیدی ز صبح؟
Мурғи сулаймон чаҳ хабар аз сабо ?
مرغِ سلیمان! چه خبر از سبا؟
Бар сар хашмаст ҳануз он ҳариф ?
بر سرِ خشم است هنوز آن حریف؟
ё суханӣ меравад андари ризо ?
یا سخنی میرود اندر رضا؟
Аз дар сулҳи омадае ё хилоф ?
از درِ صلح آمدهای یا خِلاف؟
Бо қадами хавфи рӯм ё раҷо ?
با قدمِ خوف رَوم یا رَجا؟
Бор дигаргар ба сари кӯии дӯст
بارِ دگر گر به سرِ کویِ دوست
Бигузарӣ эй пайки насими сабо
بگذری ای پیکِ نسیمِ صبا
Гӯи рамақӣ беш намонад аз заъиф
گو رمقی بیش نمانْد از ضعیف
Чанд кунад сӯрат бе ҷони бақо ?
چند کُنَد صورتِ بیجان بقا؟
Он ҳамаи дили дорӣу паймону аҳд
آن همه دلداری و پیمان و عهد
Нек накардӣ ки накардӣ вафо
نیک نکردی که نکردی وفا
Лекин агар даври висолӣ буд
لیکن اگر دورِ وصالی بوَد
Сулҳ фаромӯш кунад моҷаро
صلح فراموش کند ماجرا
То ба гиребон нарасад дасти марг
تا به گریبان نرسد دستِ مرگ
Дасти зи домани нкнимти раҳо
دست ز دامن نکنیمت رها
Дӯст набошад ба ҳақиқат ки ӯ
دوست نباشد به حقیقت که او
Дӯст фаромӯш кунад дар бало
دوست فراموش کند در بلا
Хастагии андари талабат роҳат аст
خستگی اندر طلبت راحت است
Дард кашӣдан ба умеди даво
درد کشیدن به امیدِ دوا
Сар натавонам ки барорам чу чанг
سر نتوانم که برآرم چو چنگ
Вар чу дафами пӯсти бадаради қафо
ور چو دفم پوست بدرّد قَفا
Ҳар саҳар аз ишқи дамӣ май занам
هر سَحر از عشق دمی میزنم
Рӯз дигар май шинавам бар мулло
روزِ دگر میشنوم بر ملا
Қиссаи дардами ҳама олам гирифт
قصهٔ دردم همه عالَم گرفت
Дар ки нагирад нафаси ошно ?
در که نگیرد نفسِ آشنا؟
Гар бирасад нолаи саъдӣ ба кӯҳ
گر برسد نالهٔ سعدی به کوه
Кӯҳ бинолад ба забони садо
کوه بنالد به زبانِ صدا