Туро худ як замон бо мо сар саҳро наме бошад
تو را خود یک زمان با ما سر صحرا نمیباشد
Чу шамсати хотир рафтан ба ҷуз танҳо наме бошад
چو شمست خاطر رفتن به جز تنها نمیباشد
Ду чашм аз ноз дар пешати фироқ аз ҳоли дарвешат
دو چشم از ناز در پیشت فراغ از حال درویشت
Магар каз хӯбии хешати нигаҳ дар мо наме бошад
مگر کز خوبی خویشت نگه در ما نمیباشد
Малик ё чашмаи нурии парӣ ё лаъибати ҳурӣ
ملک یا چشمه نوری پری یا لعبت حوری
Ки бар гулбуни гули сӯрии чунин зебо наме бошад
که بر گلبن گل سوری چنین زیبا نمیباشد
Парии рӯеу маи пайкари самани бӯеу симин бар
پریرویی و مهپیکر سمنبویی و سیمینبر
Аҷаб каз ҳасани рӯят дар ҷаҳон ғавғо наме бошад
عجب کز حسن رویت در جهان غوغا نمیباشد
Чунатавон сохт берӯят , бибояд сохт бо хуят
چو نتوان ساخت بی رویت، بباید ساخت با خویت
Ки моро аз сари Кувайти сар дрўо наме бошад
که ما را از سر کویت سر دروا نمیباشد
Марв ҳар сӯй ва ҳар ҷогаҳ ки мискинон наянд огаҳ
مرو هر سوی و هر جاگه که مسکینان نیند آگه
намебинад каст ногуҳ ки ӯ шайдо наме бошад
نمیبیند کست ناگه که او شیدا نمیباشد
Ҷаҳонӣ дар паии ?ути мафтӯн ба ҷои оби гирёни хӯн
جهانی در پیات مفتون به جای آب گریان خون
Аҷаб медорам аз ҳомӯн ки чун дарё наме бошад
عجب میدارم از هامون که چون دریا نمیباشد
Ҳамаи шаб май пазами савдо ба буии ваъдаи фардо
همه شب میپزم سودا به بوی وعده فردا
Шаби савдои саъдиро магар фардо наме бошад
شب سودای سعدی را مگر فردا نمیباشد
Чаро бар хоки ин манзил нигарем то бигирад гул
چرا بر خاک این منزل نگریم تا بگیرد گِل
Валикин бо ту оҳани дили дамам гиро наме бошад
ولیکن با تو آهندل دمم گیرا نمیباشد