Сармасти зи кошона ба гулзори баромад
سرمست ز کاشانه به گلزار برآمد
Ғулғули зи гулу лола ба як бори баромад
غلغل ز گل و لاله به یک بار برآمد
Мурғони чамани наъра занон дидаму гӯйон
مرغان چمن نعره زنان دیدم و گویان
Зини ғунча ки аз тарафи чаманзори баромад
زین غنچه که از طرف چمنزار برآمد
Об аз гули рухсора ӯ акси пазируфт
آب از گل رخساره او عکس پذیرفت
Ва оташ ба сари ғунчаи гулнори баромад
و آتش به سر غنچه گلنار برآمد
Саҷҷодаи нишинӣ ки мурӣди ғам ӯ шуд
سجاده نشینی که مرید غم او شد
Овозааш аз хонаи хумори баромад
آوازه اش از خانه خمار برآمد
Зоҳид чу каромоти бути ориз ӯ дид
زاهد چو کرامات بت عارض او دید
Аз чиллаи миёни баста ба зуннори баромад
از چله میان بسته به زنار برآمد
Бар хок чу ман бедилу девонаи нишондаш
بر خاک چو من بیدل و دیوانه نشاندش
Андари назар ҳар ки парии вори баромад
اندر نظر هر که پری وار برآمد
Ман муфлис аз он рӯз шудам каз ҳарами ғайб
من مفلس از آن روز شدم کز حرم غیب
Дебои ҷамоли ту ба бозори баромад
دیبای جمال تو به بازار برآمد
Коми дилами он буд ки ҷон бар ту фишонам
کام دلم آن بود که جان بر تو فشانم
Он ком муяссар шуд ва ин кори баромад
آن کام میسر شد و این کار برآمد
Саъдии чамани он рӯз ба тороҷ хазон дод
سعدی چمن آن روز به تاراج خزان داد
Каз боғи дилаши буии гули ёри баромад
کز باغ دلش بوی گل یار برآمد