Соъатӣ каз дирами он сарв равон бозомад

ساعتی کز درم آن سرو روان بازآمد

Рости гӯйӣ ба тани мурда равон бозомад

راست گویی به تن مرده روان بازآمد

Бахти пирӯз ки бо мо ба хусумат май буд

بختِ پیروز که با ما به خصومت می‌بود

Бомдод аз дар ман сулҳ кунон бозомад

بامداد از در من صلح‌کنان بازآمد

Пер будам зи ҷафои фалаку ҷаври замон

پیر بودم ز جفای فلک و جور زمان

Бози перонаи серуми ишқ ҷавон бозомад

باز پیرانه‌سرم عشقِ جوان بازآمد

Дӯст бозомаду душман ба мусӣбат бинишаст

دوست بازآمد و دشمن به مُصیبت بنشست

Боди наврӯзи алии рағм хазон бозомад

بادِ نوروز علی‌رغم خزان بازآمد

Муждагонӣ бидиҳ эй нафас ки сахтӣ бигузашт

مژدگانی بده ای نفس که سختی بگذشت

Дил гаронӣ макун эй ҷисм ки ҷон бозомад

دل‌گرانی مکن ای جسم که جان بازآمد

Бовар аз бахт надорам ки ба сулҳ аз дар ман

باور از بخت ندارم که به صلح از در من

Он бути санги дили сахт камон бозомад

آن بت سنگ‌دل سخت‌کمان بازآمد

То ту бозомадӣ эй мӯниси ҷон аз дар ғайб

تا تو بازآمدی ای مونس جان از درِ غیب

Ҳар ки дар сар ҳавасӣ дошт аз он бозомад

هر که در سر هوسی داشت از آن بازآمد

Ишқ рӯй ту ҳаромаст магари саъдӣ ро

عشقِ روی تو حرام است مگر سعدی را

Ки ба савдои ту аз ҳар ки ҷаҳон бозомад

که به سودای تو از هر که جهان بازآمد

Дӯстони айби мгирид ва маломат макунед

دوستان عیب مگیرید و ملامت مکنید

Кин ҳадисӣаст ки аз вай натавон бозомад

کاین حدیثی است که از وی نتوان بازآمد

Хониш
ғзл 215 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл 215 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл 215 — съӣдҳ тҳронӣ нсб
ғзл шморҳ 215 — мҳмдрзо мвмн нжод
ғзл 215 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 215 — тноз пӣростҳ
ғзл шморҳ 215 — сҳӣл қосмӣ
ғзл шморҳ 215 — нознӣн бозӣон
ғзл шморҳ 215 — фотмҳ зндӣ