Он сарв ки гӯйанд ба болой ту монад
آن سرو که گویند به بالای تو ماند
Ҳаргизи қадамии пеши ту рафтани натавонад
هرگز قدمی پیش تو رفتن نتواند
Дунболи ту бӯдани гунаҳ аз ҷониб мо нест
دنبال تو بودن گنه از جانب ما نیست
Бо ғамза бигӯ то дили мардуми нстонд
با غمزه بگو تا دل مردم نستاند
Зинҳор ки чун май гузарӣ бар сари маҷрӯҳ
زنهار که چون میگذری بر سر مجروح
Вази вай хабарат нест ки чун ме гузаронад
وز وی خبرت نیست که چون میگذراند
Бахт он накунад бо ман саргашта ки як рӯз
بخت آن نکند با من سرگشته که یک روز
Ҳамхона ман бошӣ ва ҳамсоя надонад
همخانه من باشی و همسایه نداند
Ҳар кови сари пайванд ту дорад ба ҳақиқат
هر کاو سر پیوند تو دارد به حقیقت
Даст аз ҳамаи чизу ҳамаи каси дргслонд
دست از همه چیز و همه کس درگسلاند
Имрӯз чаҳ донеи ту ки дар оташу обам
امروز چه دانی تو که در آتش و آبم
Чун хок шавам бод ба гӯшт бирасонад
چون خاک شوم باد به گوشت برساند
Онон ки ндонанд парешонеи муштоқ
آنان که ندانند پریشانی مشتاق
Гӯйанд ки нолидани булбул ба чаҳ монад
گویند که نالیدن بلبل به چه ماند
Гулро ҳамаи кас даст гирифтанд ва нахонанд
گل را همه کس دست گرفتند و نخوانند
Булбул натавонист ки фарёд нахонд
بلبل نتوانست که فریاد نخواند
Ҳар соъатии ин фитнаи нўхостаҳ аз ҷой
هر ساعتی این فتنه نوخاسته از جای
Бархезаду халқӣ мутаҳайир бинишонад
برخیزد و خلقی متحیر بنشاند
Дар ҳасрати онам ки сару мол ба як бор
در حسرت آنم که سر و مال به یک بار
Дар доманаши афшонам ва доман нафишонд
در دامنش افشانم و دامن نفشاند
Саъдии ту дар ин банди бимирӣ ва надонад
سعدی تو در این بند بمیری و نداند
Фарёд бикун ё бикашад ё барраанд
فریاد بکن یا بکشد یا برهاند