Маҷлиси мо дигар имрӯз ба бустон монад

مجلس ما دگر امروز به بُستان ماند

Айши хилват ба тамошоӣ гулистон монад

عیش خلوت به تماشای گلستان ماند

намеҳалоласт касеро ки буд хонаи биҳишт

مِی حلال‌ست کسی را که بوَد خانه بهشت

Хосса аз дасти ҳарифӣ ки ба ризвон монад

خاصه از دست حریفی که به رضوان ماند

Хати сабзу лаби лаълат ба чаҳ монанда кунӣ

خط سبز و لب لعلت به چه ماننده کنی؟

Ман бигӯям ба лаби чашма ҳайвон монад

من بگویم به لب چشمهٔ حیوان ماند

То сари зулфи парешони ту маҳбӯб манаст

تا سر زلف پریشان تو محبوبِ من‌ست

Рӯзгорам ба сари зулф парешон монад

روزگارم به سر زلف پریشان ماند

Чаҳ кунад куштаи ишқат ки нагӯяд ғами дил

چه کند کشتهٔ عشقت که نگوید غم دل؟

Ту мапиндор ки хӯни резӣ ва пинҳон монад

تو مپندار که خون ریزی و پنهان ماند

Ҳар ки чун мум ба хуршеди рахт нарм нашуд

هر که چون موم به خورشید رُخت نرم نشد

Зинҳор аз дили сахташ ки ба санадон монад

زینهار از دل سختش که به سندان ماند

Нодир уфтад ки яке дил ба висолати надиҳад

نادر افتد که یکی دل به وصالت ندهد

ё касе дар балади куфр мусулмон монад

یا کسی در بلد کفر مسلمان ماند

Ту ки чун барқи бихандӣ чаҳ ғамат дорад аз онк

تو که چون برق بخندی چه غمت دارد از آنک

Ман чунон зори бгрим ки ба борон монад

من چنان زار بگریم که به باران ماند؟

Таъна бар ҳайрати саъдӣ на ба инсоф задӣ

طعنه بر حیرت سعدی نه به انصاف زدی

Каси чунин рӯй набинад ки на ҳайрон монад

کس چنین روی نبیند که نه حیران ماند

Ҳар ки бо сӯрату болои тўош инсӣ нест

هر که با صورت و بالای تواش انسی نیست

Ҳайвонӣаст ки болоаш ба инсон монад

حیوانی‌ست که بالاش به انسان ماند

Хониш
ғзл 221 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл 221 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл 221 — съӣдҳ тҳронӣ нсб
ғзл шморҳ 221 — мҳмдрзо мвмн нжод
ғзл 221 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 221 — тноз пӣростҳ
ғзл шморҳ 221 — сҳӣл қосмӣ
ғзл шморҳ 221 — нознӣн бозӣон
ғзл шморҳ 221 — фотмҳ зндӣ