Сарви баланди байн ки чаҳ рафтор ме кунад
سرو بلند بین که چه رفتار میکند
Вони моҳи муҳташам ки чаҳ гуфтор ме кунад
وآن ماه محتشم که چه گفتار میکند
Он чашми масти байн ки ба шухӣу дилбарӣ
آن چشم مست بین که به شوخی و دلبری
Қасди ҳалоки мардум ҳушёр ме кунад
قصد هلاک مردم هشیار میکند
Девона мекунад дили соҳиби тамиз ро
دیوانه میکند دل صاحبتمیز را
Ҳар гуҳ ки илтифоти парӣ вор ме кунад
هر گه که التفات پریوار میکند
Мо рӯй карда аз ҳамаи олам ба рӯй ӯ
ما روی کرده از همه عالم به روی او
Вони сусти аҳд рӯй ба девор ме кунад
وآن سستعهد روی به دیوار میکند
Оқил хабар надорад аз андӯҳи ошиқон
عاقل خبر ندارد از اندوه عاشقان
Хуфтаи сету айби мардум бедор ме кунад
خفتهست و عیب مردم بیدار میکند
Ман тоқат шикеб надорам з рӯй хуб
من طاقت شکیب ندارم ز روی خوب
Сӯфӣ ба аҷзи хештан иқрор ме кунад
صوفی به عجز خویشتن اقرار میکند
Бечора аз мутолиа рӯй некӯон
بیچاره از مطالعه روی نیکوان
Сад бор тавба кард ва дгрбор ме кунад
صد بار توبه کرد و دگربار میکند
Саъдии нгФтмт ки хами зулфи шоҳидон
سعدی نگفتمت که خم زلف شاهدان
Дарбанд ӯ машав ки гирифтор ме кунад
دربند او مشو که گرفتار میکند