Нафасии вақти баҳорами ҳаваси саҳро буд
نفسی، وقت بهارم، هوس صحرا بود
Бо рафиқии ду ки доим натавон танҳо буд
با رفیقی دو که دایم نتوان تنها بود
Хоки Широз чу дебоӣ мунаққаш дидам
خاک شیراز چو دیبای منقش دیدم
Ваон ҳамаи сӯрати шоҳид ки бар он дебо буд
وان همه صورت شاهد که بر آن دیبا بود
Порс дар сояи иқболи атобаки эмин
پارس در سایهٔ اقبال اتابک ایمن
Лекин аз нолаи мурғони чамани ғавғо буд
لیکن از نالهٔ مرغان چمن غوغا بود
Шаккарини пистаи даҳоне ба тафарруҷ бигузашт
شکرین پستهدهانی به تفرج بگذشت
Ки чаҳ гӯям натавон гуфт ки чун зебо буд
که چه گویم؟ نتوان گفت که چون زیبا بود
Иълми аллоҳ ки шақоӣқ на бидон лутфу саман
یعلم الله که شقایق، نه بدان لطف و سمن
На бидон буиу санавбар на бидон боло буд
نه بدان بوی و صنوبر، نه بدان بالا بود
Фитнаи сомриш дар назари шӯрангез
فتنهٔ سامریش در نظرِ شورانگیز
Нафаси ъисўиш дар лаби шкрхо буд
نفس عیسویش در لب شکرخا بود
Ман дар андеша ки бут ё маи нав ё маликаст
من در اندیشه که بت یا مه نو یا ملکست
Ёри бути пайкари ма рӯй малики симо буд
یارِ بتپیکرِ مهرویِ ملکسیما بود
Дили саъдӣу ҷаҳонӣ ба дамӣ ғорат кард
دل سعدی و جهانی به دمی غارت کرد
Ҳамчуи наврӯз ки бар хон малики яғмо буд
همچو نوروز که بر خوان ملک یغما بود