Марои роҳат аз зиндагии дӯш буд
مرا راحت از زندگی دوش بود
Ки он моҳрӯем дар оғӯш буд
که آن ماهرویم در آغوش بود
Чунон масти дидору ҳайрони ишқ
چنان مست دیدار و حیران عشق
Ки дунёу дайнами фаромӯш буд
که دنیا و دینم فراموش بود
Нагӯям май лаъли ширини гўор
نگویم می لعل شیرینگوار
Ки заҳр аз кафи даст ӯ нӯш буд
که زهر از کف دست او نوش بود
Надонистам аз ғояти лутфу ҳасан
ندانستم از غایت لطف و حسن
Ки симу саман ё бару дӯш буд
که سیم و سمن یا بر و دوش بود
Ба дидору гуфтори ҷони парвариш
به دیدار و گفتار جانپرورش
Саропои ман дидау гӯш буд
سراپای من دیده و گوش بود
намедонам ин шаб ки чун рӯз шуд
نمیدانم این شب که چون روز شد
Касе боз донад ки бо ҳуш буд
کسی باز داند که با هوش بود
Муаззин ғалат кард бонги намоз
مؤذن غلط کرد بانگ نماز
Магари ҳамчуи ман масту мадҳуш буд
مگر همچو من مست و مدهوش بود
Бигуфтем ва душман бидонасту дӯст
بگفتیم و دشمن بدانست و دوست
Намонад он таҳаммул ки сарпӯш буд
نماند آن تحمل که سرپوش بود
Ба хобаши магари дидае саъдё
به خوابش مگر دیدهای سعدیا
Забон дар каши имрӯзи кони дӯш буд
زبان درکش امروز کآن دوش بود
Мабодо ки ганҷӣ бибинад фақир
مبادا که گنجی ببیند فقیر
Ки натавонад аз ҳирси хомӯш буд
که نتواند از حرص خاموش بود