Айбӣ набошад аз ту ки бар мо ҷафо равад

عیبی نباشد از تو که بر ما جفا رود

Маҷнӯн аз остонаи Лайлӣ куҷо равад ?

مجنون از آستانه لیلی کجا رود؟

Гар ман фидои ҷони ту гирдам дареғ нест

گر من فدای جان تو گردم دریغ نیست

Бисёр сар ки дар сари меҳр ва вафо равад

بسیار سر که در سرِ مهر و وفا رود

Вари ман гадои кӯй ту бошам ғариб нест

ور من گدای کوی تو باشم غریب نیست

Қорун агар ба хайл ту ояд гадо равад

قارون اگر به خیل تو آید گدا رود

Маҷрӯҳи тири ишқ агараш теғ бар қафост

مجروح تیر عشق اگرش تیغ بر قفاست

Чун меравад зи пеши ту чашм аз қафо равад

چون می‌رود ز پیش تو چشم از قفا رود

Ҳайф оядам ки пои ҳаме бар замин наҳй

حیف آیدم که پای همی بر زمین نهی

Кин пой лоиқаст ки бар чашм мо равад

کاین پای لایقست که بر چشم ما رود

Дар ҳеҷ мавқифам сар гуфт ва шунид нест

در هیچ موقفم سَرِ گفت و شنید نیست

Ало дар он мақом ки зикр шумо равад

الا در آن مُقام که ذکر شما رود

эй ҳӯшёр агар ба сар маст бигузарӣ

ای هوشیار اگر به سَرِ مست بگذری

Айбаш макун ки бар сари мардум қазо равад

عیبش مکن که بر سر مردم قضا رود

Мо чун нишонаи пой ба гул дар бимонада ем

ما چون نشانه پای به گل در بمانده‌ایم

Хасми он ҳариф нест ки тираш хато равад

خصم آن حریف نیست که تیرش خطا رود

эй ошнои кӯии муҳаббат сабур бош

ای آشنای کوی محبت صبور باش

Бедоди некӯони ҳама бар ошно равад

بیداد نیکوان همه بر آشنا رود

Саъдӣ ба дар намекунӣ аз сари ҳавои дӯст

سعدی به در نمی‌کنی از سر هوای دوست

Дар пот лозимаст ки хор ҷафо равад

در پات لازمست که خار جفا رود

Хониш
ғзл 262 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл 262 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл 262 — съӣдҳ тҳронӣ нсб
ғзл шморҳ 262 — тноз пӣростҳ
ғзл 262 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 262 — сҳӣл қосмӣ
ғзл шморҳ 262 — нознӣн бозӣон
ғзл шморҳ 262 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 262 — офср орӣо
ғзл шморҳ 262 — ҳҷт оллҳ ъбосӣ