Ҳар ки маҷмӯ набошад ба тамошо наравад
هر که مجموع نباشد به تماشا نرود
Ёр бо ёри сФркрдаҳ ба танҳо наравад
یار با یار سفرکرده به تنها نرود
Боди осоиш гетӣ назанад бар дили риш
باد آسایش گیتی نزند بر دل ریش
Субҳи содиқи ндмд то шаб ялдо наравад
صبح صادق ندمد تا شب یلدا نرود
Бар дили овехтагон , арса олам тангаст
بر دلآویختگان، عرصهٔ عالم تنگست
Кон ки ҷое ба гул афтод дигар ҷо наравад
کآن که جایی به گل افتاد دگر جا نرود
Ҳаргизи андешаи ёр аз дили девонаи ишқ
هرگز اندیشهٔ یار از دل دیوانهٔ عشق
Ба тамошои гулу сабза ва саҳро наравад
به تماشای گل و سبزه و صحرا نرود
Ба сари хор муғелон биравам бо ту чунон
به سر خار مغیلان بروم با تو چنان
Ба иродат ки яке бар сар дебо наравад
به ارادت که یکی بر سر دیبا نرود
Бо ҳама рафтани зебои тзрўи андари боғ
با همه رفتن زیبای تذرو اندر باغ
Ки ба шухӣ баравад пеши ту зебо наравад
که به شوخی برود پیش تو زیبا نرود
Гар ту эй тахти сулаймон ба сари мо зини даст
گر تو ای تخت سلیمان! به سر ما زین دست
Рафт хоҳии аҷаб ар мӯрча дар по наравад
رفت خواهی عجب ار مورچه در پا نرود
Боғбонон ба шаб аз заҳмат булбул чунанд
باغبانان به شب از زحمت بلبل چونند
Ки дар айёми гул аз боғча ғавғо наравад
که در ایام گل از باغچه غوغا نرود
Ҳамаи олам суханам рафт ва ба гӯшт нарасед
همه عالم سخنم رفت و به گوشت نرسید
Ореи онҷо ки ту бошӣ сухан мо наравад
آری آن جا که تو باشی سخن ما نرود
Ҳар ки моро ба насиҳати зи ту май печад рӯй
هر که ما را به نصیحت ز تو میپیچد روی
Гӯ ба шамшер ки ошиқ ба мудоро наравад
گو به شمشیر که «عاشق به مدارا نرود»
Моҳ рухсор бапушӣ ту бути яғмое
ماهِ رخسار بپوشی تو بت یغمایی
То дили халқӣ аз ин шаҳр ба яғмо наравад
تا دل خلقی از این شهر به یغما نرود
Гавҳари қӣматӣ аз коми наҳангони оранд
گوهر قیمتی از کام نهنگان آرند
Ҳар ки ӯро ғам ҷонаст ба дарё наравад
هر که او را غم جانست به دریا نرود
Саъдёи бори кашу ёр фаромӯш макун
سعدیا بار کش و یار فراموش مکن
Меҳри Вомиқ ба ҷафо кардан узро наравад
مهر وامق به جفا کردن عذرا نرود