Ҳар лаҳза дар барам дил аз андеша хӯн шавад
هر لحظه در برم دل از اندیشه خون شود
То миннатҳои кори ман аз ишқ чун шавад
تا منتهای کار من از عشق چون شود
Дил бар қарор нест ки гӯям насиҳатӣ
دل بر قرار نیست که گویم نصیحتی
Аз роҳи ақлу маърифаташ раҳнамӯн шавад
از راه عقل و معرفتش رهنمون شود
Ёри он ҳариф нест ки аз дар дроидм
یار آن حریف نیست که از در درآیدم
Ишқи он ҳадис нест ки аз дил бурун шавад
عشق آن حدیث نیست که از دل برون شود
Фрҳодўорм аз лаби ширин гзир нест
فرهادوارم از لب شیرین گزیر نیست
Вари кӯҳи меҳнатам ба мисли бесутун шавад
ور کوه محنتم به مَثل بیستون شود
Сокин намешавад нафасии оби чашми ман
ساکن نمیشود نفسی آب چشم من
Симоб турфа набӯд агар бесукӯн шавад
سیماب طرفه نبود اگر بیسکون شود
Дами даракаш аз маломатам эй дӯст зинҳор
دم درکش از ملامتم ای دوست زینهار
Кин дарди ошиқӣ ба маломат фузун шавад
کاین درد عاشقی به ملامت فزون شود
Ҷузи дидаи ҳеҷ дӯст надидам ки саъй кард
جز دیده هیچ دوست ندیدم که سعی کرد
То заъфарони чеҳраи ман лола гаван шавад
تا زعفران چهرهٔ من لالهگون شود
Девори дил ба санги тънти хароби гашт
دیوار دل به سنگ تعنت خراب گشت
Рахти сарои ақл ба яғмо кунун шавад
رخت سرای عقل به یغما کنون شود
Чун даври ориз ту барандохт расми ақл
چون دور عارض تو برانداخت رسم عقل
Тарсам ки ишқ дар сари саъдӣ ҷунун шавад
ترسم که عشق در سر سعدی جنون شود