Ба ҳасани дилбари ман ҳеҷ дар наме бояд
به حسن دلبر من هیچ در نمیباید
Ҷузи ин дақиқа ки бо дӯстон наме поед
جز این دقیقه که با دوستان نمیپاید
Ҳлоўтисти лаби лаъли обдорш ро
حلاوتیست لب لعل آبدارش را
Ки дар ҳадис наёяд чу дар ҳадис ояд
که در حدیث نیاید چو در حدیث آید
зи чашми ғмздаҳ хӯн меравад ба ҳасрати он
ز چشم غمزده خون میرود به حسرت آن
Ки ӯ ба гӯшаи чашм илтифот фармоед
که او به گوشه چشم التفات فرماید
Биё ки дам ба дамат ёд меравад ҳар чанд
بیا که دم به دمت یاد میرود هر چند
Ки ёди об ба ҷузи тишнагии ниФзоид
که یاد آب به جز تشنگی نیفزاید
Умедвори ту ҷамъӣ ки рӯй бинмое
امیدوار تو جمعی که روی بنمایی
Агар чаҳ фитна нишоед ки рӯй бинмоед
اگر چه فتنه نشاید که روی بنماید
Нахусти хӯнам агар май рӯй ба қатл бирез
نخست خونم اگر میروی به قتل بریز
Ки гар нарезӣ аз дидаам биполояд
که گر نریزی از دیدهام بپالاید
Ба интизори ту обӣ ки меравад аз чашм
به انتظار تو آبی که میرود از چشم
Ба об чашм намонад ки чашма ме зояд
به آب چشم نماند که چشمه میزاید
Кунанд ҳар касе аз ҳазратати таманное
کنند هر کسی از حضرتت تمنایی
Хилофи ҳиммати ман каз туами ту май бояд
خلاف همت من کز توام تو میباید
Шукр ба дасти турш рӯй ходимами мФрст
شکر به دست ترش روی خادمم مفرست
Вагар ба дасти худами заҳр май диҳӣ шояд
و گر به دست خودم زهر میدهی شاید
Ту ҳамчуи каъбаи азизи аўФтодаҳ эй дар асл
تو همچو کعبه عزیز اوفتادهای در اصل
Ки ҳар ки васл ту хоҳад ҷаҳон бипаймоед
که هر که وصل تو خواهد جهان بپیماید
Ман он қиёс накардам ки зӯри бозуии ишқ
من آن قیاس نکردم که زور بازوی عشق
Аннани ақли зи даст ҳаким бирабоед
عنان عقل ز دست حکیم برباید
НгФтмт ки ба таркон назар макун саъдӣ
نگفتمت که به ترکان نظر مکن سعدی
Чу тарк тарк нагуфтӣ таҳаммулат бояд
چو ترک ترک نگفتی تحملت باید
Дар сарой дар ин шаҳр агар касе хоҳад
در سرای در این شهر اگر کسی خواهد
Ки рӯй хуб набинад ба гули брондоид
که روی خوب نبیند به گل برانداید