Умедвори чунонам ки кор баста барояд
امیدوار چنانم که کارِ بسته برآید
Висол чун ба сар омад фироқи ҳам ба сар ояд
وصال، چون به سر آمد، فراق هم به سر آید
Ман аз ту сайр нигарадам вагар турш кунӣ абрӯ
من از تو سْیر نگردم وگر ترش کنی ابرو
Ҷавоби талхи зи ширини муқобил шукр ояд
جواب تلخ ز شیرین، مقابلِ شکر آید
Ба рағми душманам эй дӯсти соя эй ба сар овар
به رغم دشمنم، ای دوست! سایهای به سر آور
Ки мӯш кӯр нахоҳад ки офтоб барояд
که موشِ کور نخواهد که آفتاب برآید
Гулами зи даст ба дарбаради рӯзгори мухолиф
گُلم ز دست به در بُرد، روزگارِ مخالف
Умед ҳаст ки хорами зи пои ҳам ба даройад
امید هست که خارم ز پای هم به درآید
Гарм ҳаёт бимонад намонад ин ғаму ҳасрат
گرم حیات بمانَد، نمانَد این غم و حسرت
Ва гар намирад булбули дарахти гул ба бар ояд
و گر نمیرد بلبل، درختِ گُل به بر آید
зи бас ки дар назар омад хаёл рӯй ту мо ро
ز بس که در نظر آمد خیال روی تو ما را
Чунон шудам ки ба ҷаҳдами хаёл дар назар ояд
چنان شدم که به جهدم خیال در نظر آید
Ҳазор қуръа ба науммат задем ва бознагаштӣ
هزار قرعه به نامت زدیم و بازنگشتی
Надонам ояти раҳмат ба толеъ ки барояд
ندانم آیتِ رحمت، به طالعِ که برآید
Заруратаст ки рӯзӣ ба кӯҳи рафтаи зи дастат
ضرورتست که روزی به کوهِ رفته ز دستت
Чунон бгриди саъдӣ ки об то камар ояд
چنان بگرید سعدی که آب تا کمر آید