Корвонии шукр аз Миср ба Широз ояд
کاروانی شکر از مصر به شیراز آید
Агар он ёри сФркрдаҳ мо бозояд
اگر آن یار سفر کردهٔ ما بازآید
Гӯи ту бозоӣ кигар хӯни миннат дар хӯрд аст
گو تو بازآی که گر خون منت در خورد است
Пешат оем чу кабӯтар ки ба парвоз ояд
پیشت آیم چو کبوتر که به پرواز آید
Ному нангу дилу дайн гӯ баравад ин миқдор
نام و ننگ و دل و دین گو برود این مقدار
Чист то дар назари ошиқ ҷонбоз ояд
چیست تا در نظر عاشقِ جانباز آید؟
Ман худ ин санг ба ҷон май тлбидми ҳамаи умр
من خود این سنگ به جان میطلبیدم همه عمر
Кин қафаси бишиканаду мурғ ба парвоз ояд
کاین قفس بشکند و مرغ به پرواز آید
Агар ин доғи ҷигарсӯз ки бар ҷон ман аст
اگر این داغ جگرسوز که بر جان من است
Бар дил кӯҳ наҳй санг ба овоз ояд
بر دل کوه نهی سنگ به آواز آید
Ман ҳамон рӯз ки рӯй ту бидидам гуфтам
من همان روز که روی تو بدیدم گفتم
Ҳеҷ шак нест ки аз рӯй чунин ноз ояд
«هیچ شک نیست که از روی چنین ناز آید»
Ҳар чаҳ дар сӯрат ақл ояд ва дар ваҳму қиёс
هر چه در صورت عقل آید و در وهم و قیاس
Он ки маҳбӯб манаст аз ҳама мумтоз ояд
آن که محبوب من است از همه ممتاز آید
Гар ту бозоиӣ ва бар нозир саъдӣ биравӣ
گر تو بازآیی و بر ناظر سعدی بروی
Ҳеҷ ғам нест ки манзур ба эъзоз ояд
هیچ غم نیست که منظور به اعزاز آید