Туро сиррӣаст ки бо мо фурӯ наме ояд

تو را سَری‌ست که با ما فرو نمی‌آید

Марои дилӣ ки сабурӣ аз ӯ наме ояд

مرا دلی که صبوری از او نمی‌آید

Кадоми дида ба рӯй ту боз шуд , ҳамаи умр

کدام دیده به روی تو باز شد، همه عمر

Ки оби дида ба рӯйиш фурӯ намеояд ?

که آبِ دیده به رویش فرو نمی‌آید؟

Ҷузи ин қадар натавон гуфт бар ҷамоли ту айб

جز این قَدَر نَتَوان گفت بر جمالِ تو عیب

Ки меҳрбонӣ аз он табъ ва ху наме ояд

که مهربانی از آن طبع و خو نمی‌آید

Чаҳ ҷавр каз хами чавгони зулфи мишкӣнат

چه جور کز خمِ چوگانِ زلفِ مِشکینت

Бар аўФтодаҳи мискин чу гӯ наме ояд

بر اوفتادهٔ مِسکین چو گو نمی‌آید؟

Агар ҳазор газанд ояд аз ту бар дили риш

اگر هزار گزند آید از تو بر دلِ ریش

Бад аз манаст ки гӯям накӯ наме ояд

بد از من‌ست که گویم نکو نمی‌آید

Гар аз ҳадиси ту кӯтаҳ кунам забони умед

گر از حدیثِ تو کوته کنم زبانِ امید

Ки ҳеҷ ҳосил аз ин гуфт ва гӯ наме ояд

که هیچ حاصل از این گفت‌وگو نمی‌آید

Гумон баранд ки дар ъўдсўзи синаи ман

گمان بَرَند که در عودسوز سینهٔ من

Бамурд оташи маънӣ ки бӯ наме ояд

بمُرد آتشِ معنی که بو نمی‌آید

Чаҳ ошиқаст ки фарёд дарднокаш нест

چه عاشق‌ست؟ که فریادِ دردناکش نیست

Чаҳ маҷлисаст каз ӯҳои ва ҳў наме ояд

چه مجلس‌ست؟ کز او های و هو نمی‌آید

Ба шер буд магари шӯри ишқи саъдӣ ро

به شیر بوْد مگر شورِ عشق، سعدی را

Ки пери гашту тағайюр дар ӯ наме ояд

که پیر گشت و تغیّر در او نمی‌آید

Хониш
ғзл 290 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл шморҳ 290 — мҳмдрзо мвмн нжод
ғзл 290 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл 290 — съӣдҳ тҳронӣ нсб
ғзл 290 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 290 — сҳӣл қосмӣ
ғзл шморҳ 290 — нознӣн бозӣон
ғзл шморҳ 290 — фотмҳ зндӣ