эй сабри пои дор ки паймони шикасти ёр
ای صبر پای دار که پیمان شکست یار
Корами з даст рафт ва наомад ба дасти ёр
کارم ز دست رفت و نیامد به دست یار
Бархест оҳам аз дил ва дар хӯн нишаст чашм
برخاست آهم از دل و در خون نشست چشم
ё раби зи ман чаҳ хост ки бе ман нишаст ёр
یا رب ز من چه خاست که بی من نشست یار
Дар ишқ ёр нест марои сабру симу зар
در عشق یار نیست مرا صبر و سیم و زر
Лек оби чашму оташи дил ҳар ду ҳаст ёр
لیک آب چشم و آتش دل هر دو هست یار
Чун қоматами камони сифат аз ғам хамида дид
چون قامتم کمانصفت از غم خمیده دید
Чун тири ногаҳони з канорам биҷуст ёр
چون تیر ناگهان ز کنارم بجست یار
Саъдӣ ба бндгиши камари бастае валек
سعدی به بندگیش کمر بستهای ولیک
Миннат манеҳ ки тарафӣ аз ин брнбсти ёр
منت منه که طرفی از این برنبست یار
Акнӯн ки бе вафоеи ёрат дуруст шуд
اکنون که بیوفایی یارت درست شد
Дар дили шикани умед ки паймони шикасти ёр
در دل شکن امید که پیمان شکست یار