Пайванд рӯҳ мекунад ин боди машки без
پیوند روح میکند این باد مشکبیز
Ҳангом навбат саҳараст эй надими хез
هنگام نوبت سحرست ای ندیم خیز
Шоҳид бихону шамъи биФрўз ва май буна
شاهد بخوان و شمع بیفروز و می بنه
Анбари басоӣ ва авд бисӯзон ва гул бирез
عنبر بسای و عود بسوزان و گل بریز
Вари дӯст даст медиҳадат ҳеҷ гӯ мабош
ور دوست دست میدهدت هیچ گو مباش
Хуштар буд арӯси нкўрўӣ бе ҷҳиз
خوشتر بود عروس نکوروی بیجهیز
Имрӯз бояд ар Карамӣ мекунад саҳоб
امروز باید ار کرمی میکند سحاب
Фардо ки ташнаи мурда буд лои гӯи бхиз
فردا که تشنه مرده بود لای گو بخیز
Ман дар вафоу аҳд чунон кунад нестам
من در وفا و عهد چنان کند نیستم
Каз домани ту даст бидорам ба теғи тез
کز دامن تو دست بدارم به تیغ تیز
Гар теғ май зании сипар инак вуҷӯди ман
گر تیغ میزنی سپر اینک وجود من
Айёр муддаӣ кунад аз душмани аҳтриз
عیار مدعی کند از دشمن احتریز
Фардо ки сари з хок барорам агар ту ро
فردا که سر ز خاک برآرم اگر تو را
Байнами фароғатам буд аз рӯзи растхез
بینم فراغتم بود از روز رستخیز
То худ куҷо расад ба қиёмати намози ман
تا خود کجا رسد به قیامت نماز من
Ман рӯй дар туу ҳамаи кас рӯй дар ҳҷиз
من روی در تو و همه کس روی در حجیز
Саъдӣ ба доми ишқи ту дар пой банд монад
سعدی به دام عشق تو در پایبند ماند
Қайдӣ накардае ки муяссар шавад гурез
قیدی نکردهای که میسر شود گریز