Рафтӣ ва наме шӯии фаромӯш
رفتی و نمیشوی فراموش
Май ое ва май рӯми ман аз ҳуш
میآیی و میروم من از هوش
Саҳараст камони абрувонат
سِحر است کمان ابروانت
Пайваста кашида то биногваш
پیوسته کشیده تا بناگوش
Поят бигзор то бабўсам
پایت بگذار تا ببوسم
Чун даст намерасад ба оғӯш
چون دست نمیرسد به آغوش
Ҷавр аз қаблат мақом адл аст
جور از قِبَلَت، مقام عدل است
Неши суханати муқобили нӯш
نیشِ سخنت مقابل نوش
Бекор буд ки дар баҳорон
بیکار بوَد که در بهاران
Гӯйанд ба андалеби мхрўш
گویند به عندلیب: «مخروش»
Дӯши он ғами дил ки ме наҳафтум
دوش آن غمِ دل که مینهفتم
Боди саҳараши бабради сарпӯш
باد سَحرش ببرد سرپوش
Он сайл ки дӯш то камар буд
آن سیل که دوش تا کمر بود
Имшаб бигузашт хоҳад аз дӯш
امشب بگذشت خواهد از دوش
Шаҳрии мтҳдсони ҳасанат
شهری مُتحَدِّثانِ حُسنت
Алои мутаҳайирони хомӯш
الا مُتحَیِّرانِ خاموش
Биншин ки ҳазор фитна бархест
بنشین که هزار فتنه برخاست
Аз ҳалқаи орифони мадҳуш
از حلقهٔ عارفانِ مدهوش
Оташ ки ту мекунӣ маҳол аст
آتش که تو میکنی محال است
Кин деги Фрўншинд аз ҷӯш
کاین دیگ فرونشیند از جوش
Булбул ки ба даст , шоҳид афтод
بلبل که به دست شاهد افتاد
Ёрон чаман кунад фаромӯш
یاران چمن کند فراموش
эй хоҷа бирав ба ҳар чаҳ дорӣ
ای خواجه! برو به هر چه داری
Ёрии бихар ва ба ҳеҷ мафруш
یاری بخر و به هیچ مفروش
Гар тавба диҳад касе зи ишқат
گر توبه دهد کسی ز عشقت
Аз ман бниўшу панди мниўш
از من بنیوش و پند منیوش
Саъдии ҳамаи солаи панди мардум
سعدی همهساله پند مردم
намегуяд ва худ намекунад гӯш
میگوید و خود نمیکند گوش