Ҷазои он ки нагуфтем шукри рӯзи висол
جزای آن که نگفتیم شکر روز وصال
Шаби фироқи нхФтими лоҷарами зи хаёл
شب فراق نخفتیم لاجرم ز خیال
Бидор як нафас эй қоиди ин зимоми ҷамол
بدار یک نفس ای قائد این زمام جِمال
Ки дида сайр намегардад аз назар ба ҷамол
که دیده سیر نمیگردد از نظر به جَمال
Дигар ба гӯши фаромӯши аҳди сангини дил
دگر به گوش فراموشعهد سنگیندل
Паёми мо ки расонади магари насими шимол
پیام ما که رساند مگر نسیم شمال
Ба теғи ҳиндии душман қаттол ме накунад
به تیغ هندی دشمن قتال مینکند
Чунон ки дӯст ба шамшери ғамзаи қаттол
چنان که دوست به شمشیر غمزهٔ قتّال
Ҷамоатӣ ки назарро ҳаром ме гӯйанд
جماعتی که نظر را حرام میگویند
Назари ҳароми бкрднду хӯни халқи ҳалол
نظر حرام بکردند و خون خلق حلال
Ғизол агар ба каманди аўФтд аҷаб набӯд
غزال اگر به کمند اوفتد عجب نبود
Аҷаб фитодан мардаст дар каманди ғизол
عجب فتادن مرد است در کمند غزال
Ту бар канор Фуротӣ ндонӣ ин маънӣ
تو بر کنار فراتی ندانی این معنی
Ба роҳ бодия донанд қадари оби зулол
به راه بادیه دانند قدر آب زلال
Агар муроди насиҳати кунони мо ин аст
اگر مراد نصیحتکنان ما این است
Ки тарк дӯст бигӯям тасаввурӣаст маҳол
که ترک دوست بگویم تصوریست محال
Ба хоки пой ту донад ки то серум наравад
به خاک پای تو داند که تا سرم نرود
зи сар ба дар наравад ҳамчунон умеди висол
ز سر به در نرود همچنان امید وصال
Ҳадиси ишқ чаҳ ҳоҷат ки бар забони оре
حدیث عشق چه حاجت که بر زبان آری
Ба оби дидаи хунини набиштаи сӯрати ҳол
به آب دیدهٔ خونین نبشته صورت حال
Сухан дароз кашидем ва ҳамчунон боқӣаст
سخن دراز کشیدیم و همچنان باقیست
Ки зикр дӯст наёрад ба ҳеҷ гӯнаи малол
که ذکر دوست نیارد به هیچ گونه ملال
Ба нолаи кор муяссар намешавад саъдӣ
به ناله کار میسر نمیشود سعدی
Валек нолаи бечорагон хушаст ; бинол
ولیک نالهٔ بیچارگان خوش است؛ بنال