Ман аз он рӯз ки дар банди туами озодам
من از آن روز که در بند توام آزادم
Подшоҳам ки ба дасти ту асири афтодам
پادشاهم که به دست تو اسیر افتادم
Ҳамаи ғамҳои ҷаҳони ҳеҷ асар ме накунад
همه غمهای جهان هیچ اثر مینکند
Дар ман аз бас ки ба дидори азизати шодам
در من از بس که به دیدار عزیزت شادم
Хуррами он рӯз ки ҷон меравад андари талабат
خرم آن روز که جان میرود اندر طلبت
То биёянди азизон ба мубораки бодам
تا بیایند عزیزان به مبارک بادم
Ман ки дар ҳеҷ мақомӣ наздам хайма ӣ инс
من که در هیچ مقامی نزدم خیمهٔ انس
Пеши ту рахти биФкндм ва дил биниҳодам
پیش تو رخت بیَفکندم و دل بنهادم
Доне аз давлати васлат чаҳ талаб дорам ҳеҷ
دانی از دولت وصلت چه طلب دارم؟ هیچ
Ёди ту маслиҳати хеши бабрад аз ёдам
یاد تو مصلحت خویش ببرد از یادم
Ба вафои ту каз он рӯз ки дилбанди манӣ
به وفای تو کز آن روز که دلبند منی
Дили нбстм ба вафои кас ва дар нгшодм
دل نبستم به وفای کس و در نگشادم
То хаёли қаду болои ту дар фикр ман аст
تا خیال قد و بالای تو در فکر من است
Гар хилоиқ ҳама сарванд чу сарви озодам
گر خلایق همه سروند چو سرو آزادم
Ба сухан рост наёяд ки чаҳ ширини суханӣ
به سخن راست نیاید که چه شیرینسخنی
Венаи аҷабтар ки ту ширинӣ ва ман Фарҳодам
وین عجبتر که تو شیرینی و من فرهادم
Дастгоҳӣ на ки дар пои ту резам чун хок
دستگاهی نه که در پای تو ریزم چون خاک
Ҳосил онаст ки чун табли тиҳии прбодм
حاصل آن است که چون طبل تهی پُربادم
Май намояд ки ҷафои фалак аз домани ман
مینماید که جفای فلک از دامن من
Даст кӯтаҳ накунад то накунад бунёдам
دست کوته نکند تا نکند بنیادم
Зоҳир онаст ки бо собиқа ӣ ҳукми азал
ظاهر آن است که با سابقهٔ حکم ازل
Ҷаҳд судӣ накунад тан ба қазо дар додам
جهد سودی نکند تن به قضا در دادم
Вар таҳаммул накунам ҷаври замонро чаҳ кунам
ور تحمل نکنم جور زمان را چه کنم؟
Доварӣ нест ки аз вай бастанд додам
داوری نیست که از وی بستاند دادم
Дилам аз суҳбати Широз ба куллӣ бигирифт
دلم از صحبت شیراز به کلی بگرفت
Вақт онаст ки пурсӣ хабар аз Бағдодам
وقت آن است که پرسی خبر از بغدادم
Ҳеҷ шак нест ки фарёди ман онҷо бирасад
هیچ شک نیست که فریاد من آن جا برسد
Аҷаб ар соҳиб девон нарасад фарёдам
عجب ار صاحب دیوان نرسد فریادم
Саъдёи ҳуби ватан гарчи ҳадисӣаст саҳеҳ
سعدیا حب وطن گر چه حدیثیست صحیح
Натавон мард ба сахтӣ ки ман ин ҷои зодам
نتوان مُرد به سختی که من این جا زادم