Манам ин бе ту ки пурвой тамошо дорам
منم این بیتو که پروای تماشا دارم
Кофарамгар дили боғу сар саҳро дорам
کافرم گر دلِ باغ و سرِ صحرا دارم
Бар гулистони гузарам бе ту ва шармам ноед
بر گلستان گذرم بیتو و شرمم ناید؟!
Дар раёҳин нагарм бе ту ва ёро дорам
در ریاحین نگرم بیتو و یارا دارم؟!
Ки на бар нолаи мурғони чаман шефта ам
که نه بر نالهٔ مرغان چمن شیفتهام
Ки на савдои рухи лола ҳмро дорам
که نه سودای رخ لالهٔ حمرا دارم
Бар гул рӯй ту чун булбули мастами вола
بر گل روی تو چون بلبل مستم واله
Ба рухи лолау насрин чаҳ таманно дорам
به رخ لاله و نسرین چه تمنا دارم
Гарчи лоиқ набӯд дасти ману домани ту
گر چه لایق نبود دست من و دامن تو
Ҳар куҷо пой наҳй фарқи сари он ҷо дорам
هر کجا پای نهی، فرق سر آن جا دارم
Гар ба масҷиди рӯми абрӯии ту миҳроб ман аст
گر به مسجد روم ابروی تو محراب من است
Вар ба оташкадаи зулфи ту чилипо дорам
ور به آتشکده زلف تو چلیپا دارم
Дилам аз пухтани савдои висол ту бсухт
دلم از پختن سودای وصال تو بسوخت
Ту ман хоми тамаъи байн ки чаҳ савдо дорам
تو من خامطمع بین که چه سودا دارم
Ақли мискин ба чаҳ андешаи фаро даст кунам
عقل مسکین به چه اندیشه فرا دست کنم؟
Дили шайдо ба чаҳ тадбир шикеб дорам
دل شیدا به چه تدبیر شکیبا دارم؟
Сари ман дор ки чашм аз ҳамагон дар дузам
سرِ من دار که چشم از همگان در دوزم
Дасти ман гир ки даст аз ду ҷаҳони водорам
دست من گیر که دست از دو جهان وادارم
Бо туами як нафас аз ҳашт биҳишти аўлитр
با توام یک نفس از هشت بهشت اُولیتر
Ман ки имрӯзи чунинам ғам фардо дорам
من که امروز چنینم غم فردا دارم؟!
Саъдӣ хештанам хон ки ба маънии зи туам
سعدیِ خویشتنم خوان که به معنی ز توام
Ки ба сӯрати насаб аз одам ва ҳавво дорам
که به صورت نسب از آدم و حوا دارم