Ваа ки дар ишқи чунон май сӯзам
وه که در عشق چنان میسوزم
Ки ба як шуълаи ҷаҳон май сӯзам
که به یک شعله جهان میسوزم
Шамъ вааш пеши рухи шоҳиди ёр
شمع وش پیش رخ شاهد یار
Дам ба дами шуълаи занон май сӯзам
دم به دم شعلهزنان میسوزم
Сӯхтам гарчи намеёрам гуфт
سوختم گر چه نمییارم گفت
Ки ман аз ишқи фалон май сӯзам
که من از عشق فلان میسوزم
Раҳматӣ кун ки ба сар май гирдам
رحمتی کن که به سر میگردم
Шафқатӣ бар ки ба ҷон май сӯзам
شفقتی بر که به جان میسوزم
Бо ту ёрони ҳама дар нозу Наим
با تو یاران همه در ناز و نعیم
Ман гунаҳи корам аз он май сӯзам
من گنه کارم از آن میسوزم
Саъдё нола макун гар накунам
سعدیا ناله مکن گر نکنم
Кас надонад ки ниҳон май сӯзам
کس نداند که نهان میسوزم