То ту ба хотири манӣ кас нагузашт бар дилам
تا تو به خاطر منی کس نگذشت بر دلم
Мисли ту кист дар ҷаҳон то зи ту меҳри бугсалам
مثل تو کیست در جهان تا ز تو مهر بگسلم
Ман чу ба охирати рӯми рафта ба доғи дӯстӣ
من چو به آخرت روم رفته به داغ دوستی
Доруии дӯстӣ буд ҳар чаҳ бирӯяд аз гулам
داروی دوستی بود هر چه بروید از گلم
МеРом ва ҳамчунон равад номи ту бар забони ман
میرم و همچنان رود نام تو بر زبان من
Резам ва ҳамчунон буд меҳри ту дар мафосилам
ریزم و همچنان بود مهر تو در مفاصلم
Ҳосили умр сарф шуд дар талаби висоли ту
حاصل عمر صرف شد در طلب وصال تو
Бо ҳамаи саъй агар ба худ раҳ надиҳӣ чаҳ ҳосилам
با همه سعی اگر به خود ره ندهی چه حاصلم
Бод ба дасти орзӯ дар талаби ҳавои дил
باد بدست آرزو در طلب هوای دل
Гар накунад муовинати даври замони мқблм
گر نکند معاونت دور زمان مقبلم
Лоиқи бандагии ним беҳунарӣу қӣматӣ
لایق بندگی نیم بی هنری و قیمتی
Вари ту қабул мекунӣ бо ҳамаи нақси фозилам
ور تو قبول میکنی با همه نقص فاضلم
Мисли туро ба хӯни ман вар бикашӣ ба ботилам
مثل تو را به خون من ور بکشی به باطلم
Кас накунад матолибат зон ки ғуломи қотилам
کس نکند مطالبت زان که غلام قاتلم
Киштии ман ки дар миён об гирифт ва ғарқ шуд
کشتی من که در میان آب گرفت و غرق شد
Гар буд устихони баради боди сабо ба соҳилам
گر بود استخوان برد باد صبا به ساحلم
Сарв бирафту бӯстон аз назарам ба ҷумлагӣ
سرو برفت و بوستان از نظرم به جملگی
наменаравад санавбарии бехи гирифта дар дилам
مینرود صنوبری بیخ گرفته در دلم
Фикрати ман куҷо расад дар талаби висоли ту
فکرت من کجا رسد در طلب وصال تو
Ин ҳама ёд меравад вази ту ҳануз ғофилам
این همه یاد میرود وز تو هنوز غافلم
Лашкари ишқи саъдёи ғорат ақл ме кунад
لشکر عشق سعدیا غارت عقل میکند
То ту дигар ба хештан занн набарӣ ки оқилам
تا تو دگر به خویشتن ظن نبری که عاقلم