Коши кони дилбари айёр ки ман кушта ӯем
کاش کان دلبر عیار که من کشتهٔ اویم
Бор дигар бигузаштӣ ки кунад зинда ба бӯем
بار دیگر بگذشتی که کند زنده به بویم
Тарк ман гуфт ва ба таркиш натавонам ки бигӯям
ترک من گفت و به ترکش نتوانم که بگویم
Чаҳ кунам нест дилӣ чун дил ӯ зи оҳан ва рӯем
چه کنم نیست دلی چون دل او ز آهن و رویم
То қадам бошудам андари қадамаши уфтаму хезам
تا قدم باشدم اندر قدمش افتم و خیزم
То нафас мондам андари ақабаши пурсаму пўим
تا نفس ماندم اندر عقبش پرسم و پویم
Душмани хештанам ҳар нафас аз дӯстӣ ӯ
دشمن خویشتنم هر نفس از دوستی او
То чаҳ дид аз ман мискин ки малуласт з хуем
تا چه دید از من مسکین که ملول است ز خویم
Лаб ӯ бар лаби ман ин чаҳ хаёласту таманно
لب او بر لب من این چه خیال است و تمنا
Магари он гуҳ ки кунад кӯзагар аз хок сабуем
مگر آن گه که کند کوزهگر از خاک سبویم
Ҳама бар ман чаҳ зании захми фироқ эй маи хубон
همه بر من چه زنی زخم فراق ای مه خوبان؟
На манам танҳо кандар хами чавгон ту гӯям
نه منم تنها کاندر خم چوگان تو گویم
Ҳар куҷо соҳиб ҳасанӣаст сано гуфтаму васфаш
هر کجا صاحب حُسنیست ثنا گفتم و وصفش
Ту чунон соҳиби ҳасанӣ ки надонам ки чаҳ гӯям
تو چنان صاحب حسنی که ندانم که چه گویم
Дӯш мегуфт ки саъдии ғами мо ҳеҷ надорад
دوش میگفت که سعدی غم ما هیچ ندارد
наменадонад ки гарм сар баравад даст нишуем
مینداند که گرم سر برود دست نشویم