Саҳл бошад ба тарки ҷони гуфтан
سهل باشد به ترک جان گفتن
Тарки ҷонон наме тавон гуфтан
ترک جانان نمیتوان گفتن
Ҳар чаҳ зон талх тар бихоҳӣ гуфт
هر چه زان تلختر بخواهی گفت
Шаккаринаст аз он даҳони гуфтан
شکرین است از آن دهان گفتن
Тавба кардем пеши болоят
توبه کردیم پیش بالایت
Сухани сарви бӯстони гуфтан
سخن سرو بوستان گفتن
Он чунон ваҳм дар ту ҳайрон аст
آن چنان وهم در تو حیران است
Ки намедонадат нишони гуфтан
که نمیداندت نشان گفتن
Ба камандии дирам ки мумкин нест
به کمندی درم که ممکن نیست
Растгорӣ ба аломони гуфтан
رستگاری به الامان گفتن
Дафтарӣ дар ту вазъ ме кардам
دفتری در تو وضع میکردم
Мтрдд шудам дар он гуфтан
متردد شدم در آن گفتن
Ки ту ширинтарӣ аз он ширин
که تو شیرینتری از آن شیرین
Ки бшоид ба достони гуфтан
که بشاید به داستان گفتن
Булбулони нек Зуҳра ме доранд
بلبلان نیک زهره میدارند
Бо гул аз дасти боғбони гуфтан
با گل از دست باغبان گفتن
Ман наме ёрам аз ҷафои рақиб
من نمییارم از جفای رقیب
Дард бо ёри меҳрбони гуфтан
درد با یار مهربان گفتن
Ваон ки бо ёри ҳўдҷш назар аст
وان که با یار هودجش نظر است
Натавонад ба сорибони гуфтан
نتواند به ساربان گفتن
Сухани сар ба меҳри дӯст ба дӯст
سخن سر به مهر دوست به دوست
Ҳайф бошад ба тарҷумони гуфтан
حیف باشد به ترجمان گفتن
Ин ҳикоят ки мекунад саъдӣ
این حکایت که میکند سعدی
Бас бихоҳанд дар ҷаҳони гуфтан
بس بخواهند در جهان گفتن