Сарви чамани пеши эътидоли ту паст аст

سرو چمن پیش اعتدال تو پست است

Рӯй ту бозори офтоби шикастаи сет

روی تو بازار آفتاب شکسته‌ست

Шамъи фалак бо ҳазор машъали анҷум

شمع فلک با هزار مشعل انجم

Пеши вуҷӯдати чароғи бознишастаи сет

پیش وجودت چراغ بازنشسته‌ست

Тавба кунад мардум аз гуноҳ ба шаъбон

توبه کند مردم از گناه به شعبان

Дар рамазон низ чашмҳои ту маст аст

در رمضان نیز چشم‌های تو مست است

Ин ҳамаи зӯроварӣу мардӣу ширӣ

این همه زورآوری و مردی و شیری

Мард надонам ки аз каманди ту ҷустаи сет

مرد ندانم که از کمند تو جسته‌ست

Ин яке аз дӯстон ба теғи ту куштаи сет

این یکی از دوستان به تیغ تو کشته‌ست

Ваон дигар аз ошиқон ба тири ту хастаи сет

وان دگر از عاشقان به تیر تو خسته‌ست

Дида ба дил май баради ҳикояти маҷнӯн

دیده به دل می‌برد حکایت مجنون

Дида надорад ки дил ба меҳр набаста сет

دیده ندارد که دل به مهر نبسته‌ست

Дасти талаби доштани зи домани маъшӯқ

دست طلب داشتن ز دامن معشوق

Пеш касе гӯи каши ихтиёр ба даст аст

پیش کسی گو کش اختیار به دست است

Бо чу ту рӯҳонӣии таъаллуқи хотир

با چو تو روحانیی تعلق خاطر

Ҳар ки надорад дўоби нафас параст аст

هر که ندارد دواب نفس‌پرست است

Мункири саъдӣ ки завқ ишқ надорад

منکر سعدی که ذوق عشق ندارد

Нешикараш дар даҳони талх кбст аст

نیشکرش در دهان تلخ کبست است

Хониш
ғзл 54 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл 54 — мҳсн лӣлҳ квҳӣ
ғзл 54 — съӣдҳ тҳронӣ нсб
ғзл шморҳ 54 — мҳмдрзо мвмн нжод
ғзл 54 — сҳӣл қосмӣ
ғзл 54 — прӣ соткнӣ ъндлӣб
ғзл шморҳ 54 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 54 — мрӣм фқӣҳӣ кӣо
ғзл шморҳ 54 — нознӣн бозӣон
ғзл шморҳ 54 — омӣр оснӣ ъшрӣ