Ҳаргиз набӯд сарв ба боло ки ту дорӣ

هرگز نبود سرو به بالا که تو داری

ё ма ба сафои рухи зебо ки ту дорӣ

یا مه به صفای رخ زیبا که تو داری

Гар шамъ набошад шаби длсўхтгон ро

گر شمع نباشد شب دل‌سوختگان را

Равшан кунад ин ғарраи ғро ки ту дорӣ

روشن کند این غُرّه غَر‍‌ّا که تو داری

Ҳурони биҳиштӣ ки дил халқ ситонанд

حوران بهشتی که دل خلق ستانند

Ҳаргизи нстоннди дили мо ки ту дорӣ

هرگز نستانند دل ما که تو داری

Бисёр буд сарви равону гули хандон

بسیار بود سرو روان و گل خندان

Лекин на бад-ӣни сӯрату боло ки ту дорӣ

لیکن نه بدین صورت و بالا که تو داری

Пайдост ки сарпанҷаи моро чаҳ буд зӯр

پیداست که سرپنجهٔ ما را چه بود زور

Бо соиди симини тавоно ки ту дорӣ

با ساعد سیمین توانا که تو داری

Саҳари суханам дар ҳамаи офоқи ббрднд

سِحر سخنم در همه آفاق ببردند

Лекин чаҳ занад бо яди Байзо ки ту дорӣ

لیکن چه زند با ید بیضا که تو داری

Амсоли ту аз суҳбати мо нанг надоранд

امثال تو از صحبت ما ننگ ندارند

Ҷой магасаст ин ҳамаи ҳалво ки ту дорӣ

جای مگس است این همه حلوا که تو داری

Ин рӯй ба саҳро кунад он майл ба бустон

این روی به صحرا کند آن میل به بُستان

Ман рӯй надорам магари он ҷо ки ту дорӣ

من روی ندارم مگر آن جا که تو داری

Саъдии ту нёромӣ ва кӯтаҳ накунӣ даст

سعدی تو نیآرامی و کوته نکنی دست

То сар наравад дар сари савдо ки ту дорӣ

تا سر نرود در سر سودا که تو داری

То майл набошад ба висол аз тарафи дӯст

تا میل نباشد به وصال از طرف دوست

Судӣ накунад ҳирсу таманно ки ту дорӣ

سودی نکند حرص و تمنا که تو داری

Хониш
ғзл шморҳ 570 — мҳмдрзо мвмн нжод
ғзл 570 — ҳмӣдрзо мҳмдӣ
ғзл 570 — сӣд ълӣ ълвӣ
ғзл шморҳ 570 — ъндлӣб
ғзл шморҳ 570 — фотмҳ зндӣ
ғзл шморҳ 570 — нознӣн бозӣон
ғзл шморҳ 570 — съӣдҳ тҳронӣ нсб
ғзл шморҳ 570 — сҳӣл қосмӣ