Агар кулолаи мишкӣни зи рухи барандозӣ
اگر کلالهٔ مشکین ز رخ براندازی
Кунанд дар қидмати ошиқони срондозӣ
کنند در قَدمت عاشقان سراندازی
Агар ба рақси даройии ту сарви сими андом
اگر به رقص درآیی، تو سروِ سیماندام
Назора кун ки чаҳ мастӣ кунанду ҷонбозӣ
نظاره کن که چه مستی کنند و جانبازی
Ту бо чунин қаду болоу сӯрати зебо
تو با چنین قد و بالا و صورتِ زیبا
Ба сарву лолау шамшод ва гул напардозӣ
به سرو و لاله و شمشاد و گل نپردازی
Кадоми боғ чу рухсори ту гулӣ дорад
کدام باغ چو رخسار تو گلی دارد؟
Кадом сарв кунад бо қадати сарафрозӣ
کدام سرو کند با قدت سرافرازی؟
Ба ҳасани холу биногваш агар нигоҳ кунӣ
به حُسن خال و بناگوش اگر نگاه کنی
Назари ту бо қаду болой худ наяндозӣ
نظر، تو با قد و بالای خود نیندازی
Ғулом бод сабоем ғуломи боди сабо
غلامِ بادِ صبایم، غلامِ بادِ صبا
Ки бо кулолаи ҷаъдат ҳаме кунад бозӣ
که با کلالهٔ جعدت همی کند بازی
Бигӯӣ мутриб ёрон биор замзама Эй
بگوی «مطربِ یاران! بیار زمزمهای
Бинол булбули мисатон ки баси хуши овозӣ
بنال بلبل مستان! که بس خوشآوازی»
Ки гуфтааст ки сад дил ба ғамзае бабрӣ
که گفته است که «صد دل به غمزهای ببری»؟
Ҳазор сайд ба як тохтан биндозӣ
هزار صید به یک تاختن بیندازی
зи лутфи лафз шкрбор гуфта саъдӣ
ز لطفِ لفظِ شکربارِ گفتهٔ سعدی
Шудам ғуломи ҳамаи шоирони широзӣ
شدم غلامِ همه شاعران شیرازی