Ёр гирифтаам басӣ чун ту надидаам касе
یار گرفتهام بسی، چون تو ندیدهام کسی
Шамъ чунин наёмада сет аз дар ҳеҷ маҷлисӣ
شمعی چنین نیامدهست، از در هیچ مجلسی
Одати бахт ман набӯд он ки ту ёдам оварӣ
عادت بخت من نبود، آن که تو یادم آوری
Нақди чунин кам аўФтди хосса ба дасти муфлисӣ
نقد چنین کم اوفتد، خاصه به دست مفلسی
Суҳбат аз ин шарифтар сӯрат аз ин латифтар
صحبت از این شریفتر صورت از این لطیفتر
Доман аз ин назифтар васфи ту чун кунад касе
دامن از این نظیفتر، وصف تو چون کند کسی
Ходимаи саройро гӯ дар ҳуҷра банд кун
خادمهٔ سرای را، گو درِ حُجره بند کن
То ба сари ҳузури мо раҳи набарди мўсўсӣ
تا به سر حضور ما، ره نبرد موسوسی
Рӯзи висоли дӯстон дил наравад ба бӯстон
روز وصال دوستان، دل نرود به بوستان
ё ба гулӣ нигаҳ кунад ё ба ҷамоли наргисӣ
یا به گلی نگه کند، یا به جمال نرگسی
Гар бикашӣ куҷои рӯми тан ба қазо ниҳода ам
گر بکشی کجا روم، تن به قضا نهادهام
Санги ҷафои дӯстон дард намекунад басӣ
سنگ جفای دوستان، درد نمیکند بسی
Қисса ба ҳар ки май барам фоида Эй наме диҳад
قصه به هر که میبرم، فایدهای نمیدهد
Мушкили дарди ишқро ҳал накунад муҳандисӣ
مشکل درد عشق را، حل نکند مهندسی
Ин ҳама хор мехӯрд саъдӣу бор май барад
این همه خار میخورد، سعدی و بار میبرد
Ҷой дигар намеравад ҳар ки гирифт мӯнисӣ
جای دگر نمیرود، هر که گرفت مونسی