Мо сипар андохтемгар ту камон май кашӣ
ما سپر انداختیم گر تو کمان میکشی
Гӯи дили мо хуш мабошгар ту бад-ӣни дилхушӣ
گو دل ما خوش مباش گر تو بدین دلخوشی
Гар бикашӣ бандаем вар бинавозӣ равост
گر بکُشی بندهایم ور بنوازی رواست
Мо ба ту мстأнсими ту ба чаҳ мстўҳшӣ
ما به تو مُستأنسیم تو به چه مُستَوحِشی
Гуфтӣ агар дарди ишқи пои надории гурез
گفتی اگر درد عشق پای نداری گریز
Чун битавонам гурехт то ту камандами кашӣ
چون بتوانم گریخت تا تو کمندم کِشی؟
Дидаи Фрўдўхтим то на ба дӯзахи барад
دیده فرودوختیم تا نَه به دوزخ بَرَد
Боз нигаҳ мекунам сахти биҳиштии вшӣ
باز نگه میکنم، سخت بهشتیوَشی
Ғояти хӯбӣ ки ҳаст қабзау шамшеру даст
غایت خوبی که هست، قبضه و شمشیر و دست
Халқ ҳасад мебаранд чун ту маро май кашӣ
خَلق حسد میبرند، چون تو مرا میکُشی
Мӯҷиби фарёди мо хасм надонад ки чист
موجب فریاد ما، خصم نداند که چیست
Чораи маҷрӯҳ ишқ нест ба ҷузи хомшӣ
چارهٔ مجروحِ عشق، نیست بهجز خامُشی
Чанд тавон эй салими об бар оташ задан
چند توان ای سلیم، آب بر آتش زدن
Коби диёнати баради ранги рухи оташӣ
کآبِ دیانت بَرَد، رنگِ رخِ آتشی
Одамии ҳӯшманд айш надорад зи фикр
آدمیِ هوشمند، عیش ندارد ز فکر
Соқӣ маҷлис биор он қадаҳ бе ҳшӣ
ساقیِ مجلس بیار، آن قدحِ بیهُشی
Маст май ишқро айб макун саъдё
مستِ مِیِ عشق را عیب مکن سعدیا
Маст беафтӣ ту низгар ҳам аз ин май чшӣ
مست بیفتی تو نیز، گر هم از این می چشی